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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के प्रकार

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के प्रकार:-

1- वीक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

वीक यानी कमजोर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को हम Artificial Narrow Intelligence कह सकते हैं। यह कुछ इस तरह के इंटेलीजेंस होते हैं जो किसी विशेष डिवाइस में ही अच्छे से काम कर सकती है। जैसे अगर आपका कंप्‍यूटर चेस खेलता है तो वो वह उसी में एक्‍सपर्ट है इसके अलावा वह कुछ नही कर सकता है।

2- स्‍ट्रांग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
अगर इंसान के दिमाग की बात करें तो यह बहुत ही का तो ये बहुत ही जटिल है। क्‍यों कि इंसान के पास सामान्य बुद्धि ज्‍यादा है। मशीन में इंसान की तरह बुद्धिमत्‍ता नही आ सकती है। इसलिए मशीन को इंसान जैसा दिमाग देने के लिए स्‍ट्रांग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जिसे हम आर्टिफिशियल जनरल इंटेलीजेंस कहते हैं। ये ऐसा सिस्‍टम है जहां पर इंसान का दिमाग और मशीन दोनों लगभग बराबर होता है यानी कि जो इंसान कर सकता है सोच सकता है वह अगर कोई रोबोट या मशीन कर ले तो हम उसे स्‍ट्रांग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कहते हैं। हालांकि इस तकनीक का मार्केट में प्रयोग अभी नही किया जा रहा है।

3- सिंगुलैरिटी (विलक्षणता) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
अगर एक बार एक मशीन ने कुछ याद कर लिया तो उसमें वह और उन्‍नति करता रहेगा। अगर हमारे पास कुछ कंप्‍यूटर है तो हम उन्हें मिलाकर और अच्छा कंप्‍यूटर बनाएंगे और जो कंप्‍यूटर बनेंगे उनको मिलाकर और भी अच्‍छा कंप्‍यूटर बनाएंगे। ऐसे में जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है ये और ज्यादा घातीय स्तर तक बढ़ते जायेंगी तो ऐसे में एक चीज़ निकल कर आएगी जिसे हम कहेंगे Singularity या Artificial Super Intelligence. अगर इसे आमतौर पर समझें तो सिंगुलैरिटी ऐसी इंटेजीजेंस है जिसके आगे इंसान भी कुछ नही है मतलब अगर एक बार ये इंसान के दिमाग के स्‍तर पर आ गया तो ये बढ़ते -बढ़ते उससे कही आगे निकल जायेगा। जो कि मानव जाति के लिए अच्‍छा भी है और खतरे भी हैं।