लेन नेटवर्क क्या हैं? और इसके कंपोनेंट्स

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लेन नेटवर्क क्या हैं? और इसके कंपोनेंट्स
(What is LAN Network and its Components)

लेन नेटवर्क को जानने से पहले हमे नेटवर्क क्या हैं यह जानना बहुत जरुरी हैं| तो पहले हम जानेंगे की नेटवर्क क्या हैं? और इस पोस्ट में हम जानेंगे की –

  1. नेटवर्क क्या हैं?
  2. लेन नेटवर्क क्या हैं?
  3. लेन नेटवर्क की विशेषताएं
  4. लेन नेटवर्क के कंपोनेंट्स
  5. वायरलेस लेन

नेटवर्क क्या है ? (what is network)

जब एक से अधिक कंप्यूटर को किसी माध्यम के द्वारा आपस में जोड़ा जाता हैं और जानकारी को शेयर किया जाता हैं तब इस तकनीक को नेटवर्क कहा जाता हैं यह कनेक्शन तार सहित और तार रहित भी हो सकता है, Wire Medium की बात करे तो वो twisted pair cable, Coaxial cable और Fiber Optics Cable में से कुछ भी हो सकता है| अगर Wireless Medium की बात करें तो वो Radio Wave, Bluetooth, Infrared, Satellite में से कुछ भी हो सकता है|

कंप्यूटिंग में एक नेटवर्क दो या दो से अधिक डिवाइसों का समूह है जिसके द्वारा हम कम्युनिकेशन कर सकते हैं। व्यावहारिक रूप से, नेटवर्क में भौतिक और वायरलेस कनेक्शन से जुड़े कई अलग-अलग कंप्यूटर सिस्टम शामिल होते हैं। नेटवर्क कंप्यूटर, सर्वर, मेनफ्रेम, नेटवर्क डिवाइस या एक दूसरे से जुड़े हुए अन्य उपकरणों का एक संग्रह है जो आपस में डाटा शेयर करने की अनुमति प्रदान करता है। नेटवर्क का एक उत्कृष्ट उदाहरण इंटरनेट है, जो पूरे विश्व में लाखों लोगों को जोड़ता है|

लेन क्या हैं (What is LAN)

इसका पूरा नाम Local Area Network है यह एक ऐसा नेटवर्क है जिसका प्रयोग दो या दो से अधिक कंप्यूटर को जोड़ने के लिए किया जाता है| लोकल एरिया नेटवर्क स्थानीय स्तर पर काम करने वाला नेटवर्क है इसे संक्षेप में लेन कहा जाता हैं| यह एक ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क है जो स्थानीय इलाकों जैसे- घर, कार्यालय, या भवन समूहों को कवर करता है|

लेन नेटवर्क की विशेषताये (Features if LAN)

  1. यह एक कमरे या एक बिल्डिंग तक सीमित रहता है |
  2. इसकी डाटा हस्तांतरित (Data Transfer) Speed अधिक होती है |
  3. इसमें बाहरी नेटवर्क को किराये पर नहीं लेना पड़ता है |
  4. इसमें डाटा सुरक्षित रहता है |
  5. इसमें डाटा को व्यवस्थित करना आसान होता है |

लेन नेटवर्क के कंपोनेंट्स (Components of LAN)

लोकल एरिया नेटवर्क डाटा के आदान प्रदान हेतु कंप्यूटर को जोड़ता है कंप्यूटर तथा प्रिंटर फैक्स जैसे अन्य डिवाइस के अलावा लैन में कार्य हेतु 6 कंपोनेंट का उपयोग किया जाता है-

  • नेटवर्क एडेप्टर
  • नेटवर्क मीडियम
  • केबल कनेक्टर
  • पावर सप्लाई
  • हब /स्विच /राउटर
  • नेटवर्क सॉफ्टवेयर
  • नेटवर्क एडेप्टर

नेटवर्क से जुड़ने के लिए कंप्यूटर को नेटवर्क एडेप्टर की आवश्यकता होती है, यह कंप्यूटर डाटा को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में परिवर्तित करता है|


  • नेटवर्क मीडियम

वायर्ड नेटवर्क के लिए केबिल की आवश्यकता होती है जैसे ट्विस्टेड केबिल, कोएक्सियल केबिल, फाइबर ऑप्टिकल केबल आदि| वायरलेस नेटवर्क में केबिल की आवश्यकता नहीं होती है इनमें डाटा ट्रांसफर के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है|

  • केबल कनेक्टर्स

बायर्ड नेटवर्क में RJ45 सबसे ज्यादा प्रचलित कनेक्टर है नेटवर्किंग योग्यता वाले प्रत्येक कंप्यूटर में RJ45 पोर्ट होता है इसे कभी-कभी नेटवर्क पोर्ट या इथरनेट पोर्ट कहते हैं|

  • पावर सप्लाई

वायर्ड तथा वायरलेस दोनों ही प्रकार के नेटवर्क में पावर सप्लाई की आवश्यकता होती है| वायरलेस नेटवर्क में रेडियो तरंगे उत्पन्न करने के लिए करंट का उपयोग होता है केबल नेटवर्क डाटा को इलेक्ट्रॉनिक पल्स के रूप में डांटा भेजते हैं|

  • हब /स्विच /राउटर

हब लेन में कंप्यूटर्स को डांटा ट्रांसमिट करने के लिए एक केंद्रीकृत बिंदु की तरह कार्य करता है| जब एक कंप्यूटर से डाटा हब को भेजा जाता है तो वह डाटा नेटवर्क से जुड़े सभी कंप्यूटर को ट्रांसमिट हो जाता है फिर चाहे वह किसी भी विशिष्ट कंप्यूटर के लिए हो|

स्विच हब का एक विकल्प है यह एक नई नेटवर्किंग तकनीक है जो नेटवर्क के प्रत्येक कंप्यूटर को एक विशिष्ट MAC एड्रेस प्रदान करता है इसी वजह से आप पृथक कंप्यूटर को सूचना लैन मैं स्विच का उपयोग कर सकते हैं|

स्विच तथा हब के विपरीत राउटर की सहायता से आप कई नेटवर्क्स को जोड़ सकते हैं| राउटर दूर इलाकों में स्थित कंप्यूटर्स को भी कनेक्ट कर सकता हैं| राउटर ज्यादा जटिल होते हैं तथा विश्व भर में संदेश भेजने की योग्यता रखते हैं बड़े-बड़े नेटवर्क लैन ट्राफिक के लिए कभी-कभी राउटर का भी उपयोग करते हैं वायरलेस नेटवर्किंग डिवाइस को वायरलेस राउटर कहते हैं|


  • नेटवर्क सॉफ्टवेयर

संचारित कंप्यूटर पर सॉफ्टवेयर डेटा को सेगमेंट्स में पैकेज करता है तथा उस डाटा को पैकेट नाम की संरचना में रखता है| पैकेट के स्त्रोत तथा गंतव्य का पता पैकेट के हैडर पर लिखा जाता है प्राप्तकर्ता कंप्यूटर इन पैकेट्स को वापिस अर्थपूर्ण डाटा में इंटरप्रेट करता है तथा उपयुक्त एप्लीकेशन को भेजता है|

वायरलेस लेन (Wireless LAN)

WLAN स्थानिक स्त्रोतों (local resources) को इंटरनेट से जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है | WLAN दो कम दूरी पर रखी डिवाइसों के मध्य वायरलेस वर्गीकरण विधि के द्वारा कड़ी को जोड़ता है एवं इंटरनेट एक्सेस करने के लिए कनेक्शन भी प्रदान करता है स्पीड स्पेक्ट्रम (Speed Specturm) या OFDM तकनीक के प्रयोग से यूजर स्थानिक निश्चित क्षेत्र में घूमने पर भी कनेक्टेड रखा जाता है|


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