Working Process (कार्य करने की प्रक्रिया)
CISC आर्किटेक्चर में काम करने की प्रक्रिया काफी विस्तृत होती है। इसे आप नीचे दिए गए आसान चरणों में समझ सकते हैं:
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निर्देश लाना (Instruction Fetch) : सबसे पहले प्रोसेसर मुख्य मेमोरी (RAM) से उस निर्देश (instruction) को ढूँढकर अपने पास लाता है, जिसे पूरा करना है।
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निर्देश समझना (Instruction Decode) : इसके बाद प्रोसेसर का कंट्रोल यूनिट (control unit) उस जटिल निर्देश को पढ़ता है, और यह तय करता है, कि उसे क्या-क्या काम करने हैं।
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मेमोरी से डेटा लेना (Memory Access) : यह CISC की सबसे बड़ी खासियत है, यह प्रोसेसर सीधे मुख्य मेमोरी (RAM) से डेटा (data) ले सकता है, उसे रजिस्टर्स में लाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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काम पूरा करना (Execution) : प्रोसेसर का मुख्य हिस्सा, जिसे ALU (अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट) कहते हैं, निर्देश के अनुसार जोड़-घटाव या अन्य जटिल तार्किक (logical) काम पूरे करता है।
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परिणाम सुरक्षित करना (Store Result) : अंत में जो परिणाम (result) निकलता है, उसे या तो सीधे मेमोरी में या फिर रजिस्टर में सुरक्षित (store) कर दिया जाता है।
CISC तकनीक का इस्तेमाल उन बड़े कंप्यूटरों और लैपटॉप में ज्यादा होता है, जहाँ बहुत भारी काम करने होते हैं। इसके कुछ प्रमुख उदाहरण यहाँ दिए गए हैं:
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Intel x86 (इंटेल x86) : यह दुनिया का सबसे मशहूर CISC प्रोसेसर है। हमारे घर और ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर डेस्कटॉप और लैपटॉप (जैसे Intel Core i3, i5, i7) इसी तकनीक पर काम करते हैं।
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AMD प्रोसेसर (AMD Processors) : इंटेल की तरह ही AMD के प्रोसेसर (जैसे Ryzen सीरीज) भी CISC आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करते हैं। ये गेमिंग और भारी सॉफ्टवेयर चलाने के लिए बहुत शक्तिशाली (powerful) माने जाते हैं।
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VAX (वैक्स) : यह एक पुराना लेकिन बहुत प्रसिद्ध कंप्यूटर सिस्टम है जिसने जटिल निर्देशों (complex instructions) के इस्तेमाल की शुरुआत की थी। इसका उपयोग बड़े वैज्ञानिक कामों और डेटा रखने (data processing) के लिए किया जाता था।
Advantages of CISC Architecture (लाभ)
CISC (कॉम्प्लेक्स इंस्ट्रक्शन सेट कंप्यूटर) आर्किटेक्चर के प्रमुख लाभों को आप नीचे दिए गए सरल बिंदुओं में समझ सकते हैं :
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छोटे प्रोग्राम (Shorter Programs) : इसमें जटिल निर्देशों (complex instructions) की शक्ति इतनी ज्यादा होती है कि एक बड़ा काम करने के लिए बहुत कम निर्देशों की जरूरत पड़ती है, जिससे पूरे प्रोग्राम का आकार छोटा हो जाता है।
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आसान प्रोग्रामिंग (Easy Programming) : क्योंकि प्रोसेसर के पास पहले से ही जटिल कामों को करने वाले निर्देश मौजूद होते हैं, इसलिए प्रोग्रामर को अपना कोड (code) लिखने में कम मेहनत करनी पड़ती है और कोडिंग करना सरल हो जाता है।
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कम मेमोरी की जरूरत (Less Memory Requirement) : निर्देशों की संख्या बहुत कम होती है, इसलिए पूरे प्रोग्राम को कंप्यूटर की मेमोरी (RAM) में रखने के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है।
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शक्तिशाली निर्देश (Powerful Instructions) : इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है, कि एक ही निर्देश (instruction) एक साथ कई छोटे-छोटे काम (operations) निपटा सकता है। इससे बड़े और जटिल काम (complex tasks) बहुत आसानी से पूरे हो जाते हैं।
Disadvantages of CISC Architecture (कमियाँ)
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पेचीदा बनावट (Complex CPU Design) : बहुत सारे और भारी निर्देशों (instructions) को समझने के लिए प्रोसेसर का अंदरूनी ढांचा या हार्डवेयर बहुत ही उलझा हुआ और पेचीदा (complex) हो जाता है।
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धीमी रफ़्तार (Slower Execution) : चूंकि इसके निर्देश बहुत बड़े और जटिल होते हैं, इसलिए उन्हें पूरी तरह खत्म करने में प्रोसेसर को घड़ी के कई चक्कर (multiple clock cycles) लगाने पड़ते हैं, जिससे काम की गति धीमी हो सकती है।
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पाइपलाइनिंग में मुश्किल (Difficult Pipelining) : निर्देशों के कठिन होने के कारण ‘पाइपलाइनिंग’ तकनीक (जहाँ एक साथ कई काम चलते हैं) को सही तरीके से लागू (implement) करना बहुत मुश्किल होता है।
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ज्यादा बिजली की खपत (Higher Power Consumption) : इसके भारी और जटिल हार्डवेयर डिज़ाइन के कारण, यह प्रोसेसर चलते समय बहुत ज्यादा बिजली (power) खर्च करता है और जल्दी गर्म भी हो सकता है।
Difference Between RISC and CISC
(RISC और CISC में अंतर)
| Basis | RISC (Reduced Instruction Set Computer) | CISC (Complex Instruction Set Computer) |
| Instruction Set | Instructions की संख्या कम होती है | Instructions की संख्या अधिक होती है |
| Instruction Type | Instructions simple होती हैं | Instructions complex होती हैं |
| Execution Time | अधिकांश instructions एक clock cycle में execute होती हैं | Instructions को execute करने में कई clock cycles लग सकते हैं |
| Instruction Length | Instruction length generally fixed होती है | Instruction length variable होती है |
| Registers | Registers की संख्या अधिक होती है | Registers की संख्या comparatively कम होती है |
| Memory Access | Memory access कम होता है | Memory access अधिक होता है |
| Program Size | Program size बड़ा हो सकता है | Program size छोटा होता है |
| CPU Design | Processor design simple होता है | Processor design complex होता है |
| Pipelining | Pipelining आसानी से implement होती है | Pipelining implement करना कठिन होता है |
| Examples | ARM, MIPS, SPARC | Intel x86, AMD |






