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Introduction to RDBMS

Introduction to RDBMS, Oracle notes in Hindi

19 अगस्त 1969 में Dr Edgar Frank Codd ने IBM में एक रिलेशनल डेटाबेस का प्रिंसिपल प्रस्तुत किया जिसके अनुसार रिलेशनल डेटाबेस सिस्टम एक ऐसा डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम होता है जिसमें डाटा को एक टेबल (Relation) के रूप में रिप्रजेंट किया जाता है वही टेबल कि प्रत्येक record को tuple तथा कॉलम एट्रीब्यूट कहलाते हैं| टेबल की एक Row के अंतर्गत डेटाबेस के रिकार्ड्स को रखा जाता है|

RDBMS के लिए E.F. Codd ने  12 रूल्स को बनाया था जो यदि किसी डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के द्वारा पालन किए जाते हैं तो उस डीबीएमएस को रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कह सकते हैं यह रूल्स निम्नलिखित हैं

EF Codd RDBMS Rules

  1. The information rule – रिलेशनल डेटाबेस में उपलब्ध सभी सूचनाओं को एक टेबल के रूप में ही रखा जाना चाहिए।
  2. Granted access – टेबल का नाम, प्राइमरी Key तथा कॉलम नेम इत्यादि के आधार पर डेटाबेस के प्रत्येक डाटा को एक्सेस किया जाए यह सुनिश्चित होना चाहिए।
  3. Systematic treatment of null values – डेटाबेस में रिकॉर्ड को इन्सर्ट (Insert) करते समय हमारे द्वारा कई values को छोड़ दिया जाता है, जिन्हें रिलेशनल डेटाबेस में null values की तरह माना जाना चाहिए, null value न तो ब्लैंक स्पेस (Blank Space) होती हैं और ना ही जीरो होती है।
  4. Comprehensive data sub language rule – प्रत्येक डेटाबेस के द्वारा कम से कम एक लैंग्वेज का सपोर्ट होना आवश्यक है सामान्यतः सभी RDBMS में एसक्यूएल (SQL – Structure Query Language)  का प्रयोग किया जाता है।
  5. Dynamic online catalog based on relational model – एक रिलेशनल डेटाबेस में डाटा को जिस प्रकार से एक्सेस किया जाता है उसी प्रकार से डेटाबेस के स्ट्रक्चर को भी एक्सेस करने की सुविधा होनी चाहिए।
  6. View updating rule – रिलेशनल डेटाबेस में किसी टेबल के लॉजिकल रिप्रजेंटेशन के तरीके View कहलाते हैं प्रत्येक View द्वारा डाटा मैनीपुलेशन की एक समान Full Range का सपोर्ट किया जाना चाहिए।
  7. High table insert update delete – रिलेशनल डेटाबेस में इंसर्ट अपडेट तथा डिलीट फंक्शन को डाटा के प्रत्येक ग्रुप पर अप्लाई किया जा सके, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  8. Physical data Independence – डेटाबेस से इंफॉर्मेशन को प्राप्त करने तथा उसमें स्टोर करने की फिजिकल मेथड यूजर से पृथक होनी चाहिए।
  9. Logical data Independence – डेटाबेस की लॉजिकल संरचना अथवा टेबल में किए गए बदलाव जिसका प्रभाव डाटा viewing method पर नहीं पढ़ना चाहिए।
  10. Integrity Independence – यूज़र द्वारा इनपुट किए जा रहे डाटा की इंटीग्रिटी को बनाए रखने के लिए डेटाबेस लैंग्वेज में आवश्यक constraints होना चाहिए।
  11. Distribution Independence – एक रिलेशनल डेटाबेस में कार्य करते समय यूजर को पूरी तरह unaware होना चाहिए कि डेटाबेस डिस्ट्रिब्यूटेड है या नहीं।
  12. Non Sub version rule – डेटाबेस लैंग्वेज के अतिरिक्त डेटाबेस के स्ट्रक्चर को चेंज करने का कोई भी अन्य रूल नहीं होना चाहिए।

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