एम् एस एक्सेस 2013

एमएस एक्सेस 2013 में प्राइमरी और फॉरेन की क्या है?

डेटाबेस में की क्या है? (What is Key in database?)

किसी भी रिकॉर्ड की फील्ड को यूनिक वैल्यू बनाने के लिए Keys का प्रयोग किया जाता हैं रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम एसोसिएटेड एड्रेसिंग का प्रयोग करता है अर्थात यह Rows को वैल्यू के द्वारा आइडेंटिफाई तथा लोकेट करता है यूजर के लिए फिजिकल एड्रेस पारदर्शी होना चाहिए इसलिए रिलेशनल सिस्टम में keys की आवश्यकता होती है जो रिलेशनल डेटाबेस में टेबल की पंक्तियों को यूनिक रूप से आइडेंटिफाई कर सकती हैं

एमएस एक्सेस 2013 में प्राइमरी और फॉरेन की क्या है
(What is Primary and Foreign Key in MS Access 2013)
 

फ़ील्ड जो टेबल संबंधों का हिस्सा हैं उन्हें Keys कहा जाता है। Key आमतौर पर एक फ़ील्ड होती है, लेकिन इसमें एक से अधिक फ़ील्ड हो सकती हैं। Keys दो प्रकार की होती हैं:

  1. Primary Key
  2. Foreign Key

Primary Key

Primary key एक टेबल में प्रत्येक रिकॉर्ड को यूनिक रखने के लिए प्रयोग की जाती हैं इस key के attribute कभी चेंज नहीं होना चाहिए जैसे एक व्यक्ति का एड्रेस प्राइमरी Key का पार्ट नहीं होना चाहिए क्योंकि यह चेंज हो सकता है परंतु Employee code नहीं बदला जा सकता जब तक की वह व्यक्ति उस संस्था को ना छोड़ दें | प्राइमरी की किसी भी टेबल में यूनिक की होती है जो पूरे रिकॉर्ड को निरूपित करती है|

एक Table में केवल एक Primary Key हो सकती है। Primary Key में एक या अधिक फ़ील्ड होते हैं जो Table में संग्रहीत प्रत्येक रिकॉर्ड को विशिष्ट रूप से पहचानते हैं। अक्सर, एक Unique पहचान संख्या होती है, जैसे एक आईडी नंबर, एक सीरियल नंबर, या एक कोड, जो Primary Key के रूप में कार्य करता है। उदाहरण के लिए, आपके पास ग्राहक Table है जहां प्रत्येक ग्राहक के पास एक Unique ग्राहक आईडी नंबर होता है। ग्राहक आईडी फ़ील्ड ग्राहक Table की Primary Key है। जब Primary Key में एक से अधिक फ़ील्ड होते हैं, तो यह आमतौर पर पूर्व-मौजूदा फ़ील्ड से बना होता है, जो एक साथ लेते हैं और Unique मान प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, आप लोगों के बारे में एक Table के लिए Primary Key के रूप में अंतिम नाम, पहला नाम, और जन्म तिथि के संयोजन का उपयोग कर सकते हैं। 

Concept of Primary key in MS Access 2013

Foreign Key

फॉरेन की का प्रयोग एक टेबल की दूसरी टेबल के साथ रिलेशनशिप को स्थापित करने के लिए किया जाता है अर्थात एक टेबल की लिंक दूसरी टेबल के साथ बनाने के लिए किया जाता है जैसे हम Student के नाम से एक डेटाबेस को Create करना चाहते हैं इस डेटाबेस में स्टूडेंट तथा कोर्स के नाम से 2 टेबल क्रिएट करते हैं|

एक Table में एक या अधिक Foreign Key भी हो सकती है। एक Foreign Key में वे मान होते हैं जो किसी अन्य Table की Primary Key में मानों के अनुरूप होते हैं। उदाहरण के लिए, आपके पास ऑर्डर Table है जिसमें प्रत्येक ऑर्डर में ग्राहक आईडी नंबर होता है जो ग्राहक Table में रिकॉर्ड के अनुरूप होता है। ग्राहक आईडी फ़ील्ड ऑर्डर Table की एक Foreign Key है।

प्राइमरी और फॉरेन की के बीच अंतर
(Difference between Primary key and Foreign key)

Primary Key

Foreign Key

प्राइमरी की एक कॉलम या कॉलम का सेट होता है जो एक टेबल में एक रो को यूनिक बनाता हैफॉरेन की एक कॉलम या कॉलम का सेट होता है जो दूसरी टेबल के एक प्राइमरी की या एक कैंडिडेट की को रेफर करता है
एक टेबल में सिंगल प्राइमरी की हो सकतीएक टेबल में एक से अधिक फॉरेन की हो सकते हैं
प्राइमरी की यूनिक होती है प्राइमरी की नल नहीं हो सकतीफॉरेन की नल हो सकती हैं
प्राइमरी की एंटिटी इंटिग्रिटी पार ध्यान देती हैंफॉरेन की referential इंटीग्रिटी पर ध्यान देते हैं
प्राइमरी की को पैरेंट की के नाम से भी जाना जाता हैफॉरेन की को चाइल्ड की के नाम से जाना जाता है

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