SQL

Classification of SQL Commands

SQL कमांड्स का वर्गीकरण

तकनीकी रूप से कहें तो SQL एक डाटा सबलैंग्‍वेज हैं। अर्थात् यह ऐसी लैंग्‍वेज है जिसका उपयोग डाटाबेस में इंटरेक्‍ट करने के लिए होता है। दूसरे शब्‍दों में सारे SQL स्‍टेटमेंट्स सिर्फ डाटाबेस के लिए इंस्‍ट्रक्‍शन्‍स हैं और यहीं पर यह ‘C’ या ‘C++’ या ‘BASIC’ आदि जैसी जनरल परपज प्रोग्रामिंग लैंग्‍वेज से भिन्‍न होती है।

SQL कई भिन्‍न उद्देश्‍यों के कई प्रकार की कमांड्स देती हैं। SQL कमांड्स को निम्‍न श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता हैं –

  1. डाटा डेफिनेशन लैंग्‍वेज (DDL) कमांड्स।
  2. डाटा मेनिप्‍यूलेशन लैंग्‍वेज (DML) कमांड्स।
  3. ट्रांजेक्‍शन कंट्रोल लैंग्‍वेज (TCL) कमांड्स।
  4. सेशन कंट्रोल कमांड्स।
  5. सिस्‍टम कंट्रोल कमांड्स।

1. DDL कमांड्स :- जैसा कि नाम से स्‍पष्‍ट हैं, यह हमें डाटा डेफिनेशन से संबंधित काम करने की क्षमता देती हैं। इस कमांड्स के द्वारा निम्‍नलिखित प्रकार के टॉस्‍क परफॉर्म किए जा सकते हैं –

(i) Create, Alter and drop schema object :- DDL कमांड का यह सेक्‍शन टेबल व्‍यू या इंडेक्‍स आदि जैसे ऑब्‍जेक्‍ट्स को निर्मित करने, डिफाईन करने, परिवर्तित करने या डिलीट करने में उपयोगी होता है। CREATE कमांड का उपयोग स्‍कीमा आब्‍जेक्‍ट्स  को निर्मित करने में होता है। ALTER कमांड्स का उपयोग पहले से मौजूद कमांड्स को रूपांतरित या परिवर्तित करने में होता है और DROP कमांड्स का उपयोग स्‍कीमा आब्‍जेक्‍ट्स डिलीट करने या घटाने में किया जाता है।


(ii) Grant and Revoke Privileges and roles :- DDL कमांड का यह सेक्‍शन स्‍कीमा आब्‍जेक्‍ट्स पर काम करने की अनुमति या विशेषाधिकार देने या उसे आमंत्रित करने में किया जाता है।

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(iii) Analyze, audit or add Command :- DDL कमांड के इस सेक्‍शन का उपयोग किसी टेबल, इंडेक्‍स या क्‍लस्‍टर पर इफॉर्मेशन को एनालाईज (विश्‍लेषित) करने में किया जाता है ताकि ऑडिटिंग आप्‍शन स्‍थापित किऐ जा सकें या डाटा डिक्‍शनरी में कमेंट्स जोड़े जा सके।

2. DML कमांड्स :- डाटा मेनिप्‍यूलेशन लैंग्‍वेज (DML) वह लैंग्‍वेज हैं, जो यूजर्स को उस दशा में एक्‍सेस, या मेनिप्‍यूलेट करने की योग्‍यता देता है, जैसा उचित डाटा मॉडल ने ऑग्रेनाईज कर रखा है।

DMLs मूलत: दो प्रकार के होते हैं :-

(i) प्रोसिजरल DMLs में यूजर के लिए यह आवश्‍यक होता है कि वह स्‍पेसिफॉय करे कि कौन-सा डाटा चाहिए और कैसे उसे प्राप्‍त किया जाए।

(ii) नॉन-प्रोसिजरल DML’s में यूजर को यह स्‍पेसिफॉय करना होता है कि कौन से डाटा की आवश्‍यकता है। इसमें यह स्‍पेसिफॉय नहीं करना होता है कि इसे कैसे प्राप्‍त किया जाए।

3. TCL कमांड्स :- एक ट्रांजेक्‍शन कार्य की एक पूर्ण यूनिट होता है। एक ट्रांजेक्‍शन तब सफलतापूर्वक पूरा होता है। (जिसे COMMIT के नाम से जाना जाता हैं) यदि और सिर्फ यदि इसके सभी घटक चरण सफलतापूर्वक पूरे हो गए हों। ट्रांजेक्‍शन मैनेज और कंट्रोल करने के लिए, ट्रांजेक्‍शन कंट्रोल कमांड्स का उपयोग किया जाता है। ये कमांड्स, DML कमांड्स द्वारा किए बदलाव को मैनेज करते हैं।

4. सेशन कंट्रोल स्‍टेटमेंट्स :- ये किसी यूजर सेशन की प्रापट्रीज को डायनामिकली मैनेज करते हैं।


ALTER SESSION :- यह वे कंडीशन या पैरामीटर मॉडीफॉय करता है जो आपके डाटाबेस कनेक्‍शन को प्रभावित करते हैं।

SET ROLE :- यह स्‍टेटमेंट वर्तमान में Session के लिए सक्षम रोल्‍स को सक्षम या अक्षम करता है।

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