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Data Base Management System(डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम)

इस पोस्ट में हम जानेगे की डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम क्या है और इसके  क्या फायदे है ?

डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम

(Data Base Management System)

डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम एक साफ्टवेयर प्रोग्राम है जो कम्‍प्‍यूटर का उपयोग कर डिजीटल डाटा को व्यवस्थित करने (Manipulate), उसमें परिवर्तन करने (Edit) उसे Up-dateकरने , डाटा का साझा उपयोग करने (Share), पुराने डाटा को मिटाने (Delete) तथा नया डाटा स्टोर करने का कार्य करता है।

डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कम्‍प्‍यूटर का उपयोग कर तथ्यों को एक स्थान पर स्टोर करने तथा अधिकृत उपयोगकर्ताओं (Authorized Users) द्वारा उनका उपयोग करने की व्यवस्था है। डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) अनेक अधिकृत उपयोगकर्ताओं (Authorized Users) को अलग-अलग उद्देश्य के लिए डाटा व सूचना Share करने की सुविधा उपलब्ध कराता है।

DBMS Software

  • Oracle Database Software
  • Microsoft SQL Server
  • Microsoft Access.

डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के फायदे

(Advantages of Database Management System )

  1. Controlling Data Redundancy (डेटा रिडंडंसी को नियंत्रित करना) :- File Based System में प्रत्येक एप्लिकेशन प्रोग्राम की अपनी निजी फाइल होती है इस स्थिति में, कई स्थानों पर एक ही डेटा की डुप्लिकेट files बनाई जाती हैं। DBMS में, एक संगठन (organization)  के सभी डेटा को एक डेटाबेस फ़ाइल में एकीकृत किया जाता है मतलब की डेटा डाटाबेस में केवल एक स्थान पर दर्ज किया जाता है और इसे दोहराया नहीं जाता है।
  2. Sharing of Data (डेटा साझा करना) :- DBMS में, organization के authorized users (अधिकृत उपयोगकर्ताओं ) द्वारा डेटा साझा किया जा सकता है। डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर डेटा को नियंत्रित करता है और डेटा को access करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अधिकार देता है । कई उपयोगकर्ताओं को एक साथ जानकारी के समान टुकड़े तक पहुंचने का अधिकार दिया जा सकता है जा सकता है remote users भी समान डेटा साझा कर सकते हैं। इसी तरह, एक ही डाटाबेस के डेटा को अलग-अलग एप्लीकेशन प्रोग्राम के बीच साझा किया जा सकता है।
  3. Data Consistency (डाटा स्थिरता) :- डेटा रिडंडंसी (Data Redundancy) को नियंत्रित करके, डाटा स्थिरता प्राप्त की जाती है। मतलब की डाटाबेस में एक ही प्रकार के डेटा को बार-बार इन जमा होने से रोका जाता है
  4. Integration of Data (डेटा का एकीकरण):- DBMS में, डेटाबेस में डेटा tables (तालिका) में संग्रहित होता है। एक डेटाबेस में एक से अधिक tables होते हैं और तालिकाओं (या संबंधित डेटा संस्थाओं) के बीच रिश्तों को बनाया जा सकता है। इससे डेटा को पुनः प्राप्त करना और अपडेट करना आसान हो जाता है
  5. Data Security(डाटा सुरक्षा) :- DBMS में डाटा को पूरी तरह से Database Administrator (एडमिनिस्ट्रेटर) द्वारा नियंत्रित किया जाता है और डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर ही यह सुनिश्चित करता है कि किस User को कितना Database के कितने हिस्से पर Access देना है या नहीं देना है इससे डेटाबेस कि सिक्योरिटी बहुत अधिक बढ़ जाती है |
  6. Recovery Procedures(डाटा रिकवरी ) :- कंप्यूटर एक मशीन है इसलिए यह संभव है कि कभी भी कंप्यूटर में कोई हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर संबंधित समस्या उत्पन्न हो जाए ऐसे में यह बहुत जरूरी है की कंप्यूटर में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसमें रखें डेटाबेस को हम Recover कर पाएं DBMS में यह काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है |


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