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Introduction to DBMS

डी बी एम् एस का परिचय (Introduction to DBMS )

DBMS (Data Base Management System) एक Software होता हैं, जिसका उपयोग डेटाबेस को बनाने और संभालने के लिए किया जाता हैं। DBMS अपने उपयोगकर्ताओं (users), और प्रोग्रामरों को एक व्‍यवस्थित तरीके के साथ डाटा को बनाने, संभालने और update करने की सुविधा प्रधान करता हैं।

DBMS के उदाहरण – MySQL, Postgre SQL, Microsoft Access, Oracle etc.

डी बी एम् एस के कुछ फायदे (Advantage of using DBMS)

डेटा रिड़ंडसी को नियंत्रित करना  (Minimize data redundancy)

File based system में प्रत्‍येक एप्लिकेशन प्रोग्राम की अपनी निजी फाइल होती हैं इस स्थिति में, कई स्‍थानों पर एक ही डेटा की डुप्लिकेट file बनाई जाती हैं। DBMS में, एक संगठन के सभी डेटा की एक डेटाबेस फाइल में एकीकृत किया जाता हैं, मतलब कि डेटा डाटाबेस में केवल एक स्‍थान पर दर्ज किया जाता हैं और इसे दोहराया नहीं जाता हैं।

डेटा साझा करना

DBMS में Organization के Authorized User द्वारा डेटा साझा किया जा सकता हैं। डाटाबेस Administrator डेटा को नियंत्रित करता हैं और डेटा को Access करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अधिकार देता हैं। कई उपयोगकर्ताओं को एक साथ जानकारी के समान टुकड़े तक पहुँचने का अधिकार दिया जा सकता हैं। Remote User भी समान डेटा साझा कर सकते हैं।


डाटा स्थिरता

Data Redundancy को नियंत्रित करके डाटा स्थिरता प्राप्‍त की जाती हैं। मतलब कि डाटाबेस में एक ही प्रकार के डेटा को बार-बार इन्‍हें जमा होने से रोका जाता हैं।

डेटा का एकीकरण

DBMS में डेटाबेस में डेटा टेबल्‍स में संग्रहित होता हैं। एक डेटाबेस में एक से अधिक टेबल्‍स हो सकते हैं और टेबल्‍स के बीच संबंध बनाए जा सकते हैं। इससे डेटा को पुन: प्राप्‍त करना और अपडेट करना आसान हो जाता हैं।

डेटा सिक्योरिटी

DBMS में डाटा को पूरी तरह से Database Administrator द्वारा नियंत्रित किया जाता है और डाटाबेस Administrator ही यह सुनिश्चित करता है कि किस User को कितना Database के कितने हिस्‍से पर Access देना है या नहीं।

Recovery Procedures

कम्‍प्‍यूटर एक मशीन है इसलिए संभव है कि कभी भी कम्‍प्‍यूटर में कोई Hardware या Software संबंधित समस्‍या उत्‍पन्‍न हो जाए। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि किसी समस्‍या कम्‍प्‍यूटर में किसी प्रकार की समस्‍या उत्‍पन्‍न होने पर उसमें रखें डेटाबेस को हम Recover कर पाएँ। DBMS में यह काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है।

Data Base System के कुछ संभावित नुकसान भी हैं

  1. Cost Of Implementing :- database system को implement करने में लागत ज्‍यादा आ सकती है जिसमें कॉफी रूपये खर्च हो सकते हैं।
  2. Effort to transfer data :- मौजूदा system से database में data को transfer करने के लिए कॉफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और इसमें बहुत अधिक समय भी लग सकता है।
  3. Risk of database fail :- अगर database विफल हो जाता है भले ही अपेक्षाकृत कम अवधि के लिए तो संपूर्ण कंपनी पर भी असर पड़ेगा और कंपनी को कई प्रकार के नुकसान उठाने पड़ेंगे।

Types Of Database Management System

1. Network Database

इस प्रकार के डाटाबेस में डाटा को रिकार्ड के रूप में दर्शाया जाता है और डाटा के बीच संबंध लिंक के रूप में दर्शाया जाता है।

Hierarchical Database

इस तरह के डेटाबेस में डेटा को इस के साथ ट्री स्‍ट्रक्‍चर (पैरेंट चाइल्‍ड) के रूप में व्‍यवस्थित किया जाता है। नोड्स लिंक के माध्‍यम से जुड़े हुए हैं।

3. Relational Database

इस डेटाबेस को स्‍ट्रक्‍चरल डेटाबेस के रूप में भी जाना जाता है। जिसमें डेटा टेबल्‍स के रूप में संग्रहित होता है। जहाँ स्‍तंभ (Columns) और पंक्तियों (Rows) में संग्रहित किया जाता है।

डेटाबेस मैनेजमेंट के मुख्‍य घटक (Main components of database management)

  1. सारणी (tables) :- यह रिलेशनल डेटाबेस मॉडल के संबंध में है। जहाँ सभी डेटा को टेबल्‍स के रूप में संग्रहित किया गया है। विभिन्‍न प्रकार के संचालन टेबल्‍स पर किये जाते हैं, जैसे :- डेटा संग्रह, फिल्‍टर करना, पुन: प्राप्‍त करना और संपादन करना। टेबल्‍स रिकॉर्ड (row) और फील्‍ड (Column) के कटाव से बने सेल से मिलकर बनते हैं। यही सेल टेबल्‍स में डेटा को संग्रहित करने के लिए उपयोग की जाती है।
  2. फील्‍ड :- टेबल के प्रत्‍येक Column को फील्‍ड कहते हैं यह डेटा के विशिष्‍ट भाग के लिए आरक्षित एक क्षेत्र होता है। जैसे ग्राहक संख्‍या ग्राहक का नाम, सड़क का पता, शहर, राज्‍य, फोन नं., वर्तमान पता आदि।
  3. रिकॉर्ड :- टेबल्‍स के Record को पंक्ति (Row) या टपल (Tuple) के रूप में भी जाना जाता है और दूसरे शब्‍दों में रिकॉर्ड एक एन्‍ट्री जैसे कि एक व्‍यक्ति, कंपनी संक्रमण आदि से संबंधित सभी क्षेत्रों की डेटा वस्‍तुओं का संग्रह है।
  4. क्‍वेरीज (Queries) :- किसी टेबल या डेटाबेस से जरूरत के अनुसार डेटा निकालने की अनुमति दी जाती है, उसे क्‍वेरी कहते हैं। किसी क्‍वेरी के उत्‍तर में जो रिकॉर्ड डाटाबेस से निकाला जाता है उसे उस क्‍वेरी का डायनासेट कहते हैं। जैसे कि अगर आप अपने शहर में रहने वाले दोस्‍तों की सूची निकालना चाहते हैं तो इसे एक क्‍वेरी कहेगें।
  5. फॉर्म्‍स :- यद्यपि आप टेबल्‍स में डेटा दर्ज और संशोधित कर सकते, लेकिन टेबल्‍स में डेटा का भंडारण करना तथा संशोधन करना आसान नहीं होता है। इस समस्‍या को दूर करने के लिए, फॉर्म्‍स प्रस्‍तुत किए जाते हैं। टेबल्‍स की तरह फार्म में डेटा दर्ज करना पसंद करते हैं।
  6. रिपोर्ट्स :- आसान शब्‍दों में, जब आप डेटाबेस से लाए गये रिकॉर्ड को कागज पर प्रिन्‍ट करना चाहते हैं तो उसे रिपोर्ट कहते हैं।

Characteristics Of DBMS

  1. DBMS की कुछ विशेषताएँ निम्‍नलिखित हैं :-
  2. DBMS की सबसे बड़ी विशेषता यह हैं कि इसमें डेटा रिडंडंसी को Control किया जा सकता है।
  3. DBMS में डेटा को Share कर सकते हैं।
  4. DBMS में सुरक्षा का पूरा ख्‍याल रखा जाता है।
  5. DBMS में प्रोसेसिंग की गति अच्‍छी है।
  6. DBMS की एक और विशेषता यह है कि इसमें डेटा Independent होता है।

Relational Database Management System

RDBMS एक डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्‍टम होता है जो कि रिलेशनल मॉडल पर बेस्‍ड होता है। RDBMS एक ऐसा डेटाबेस होता है जो कि डेटा को स्‍ट्रक्‍चरड फार्मेट में स्‍टोर करता है। ऐसा करने से डेटाबेस में स्‍टोर किसी भी वैल्‍यू को लोकेट एंड सर्च करना बहुत आसान हो जाता है। इसको “Relational” कहा जाता है क्‍योंकि जो भी वैल्‍यूज और डाटा, डाटाबेस की किसी टेबल में स्‍टोर होता है वह सब आपस में एक दूसरे से रिलेटेड होता है। एक टेबल का डाटा तो आपस में रिलेटेड होता ही है बल्कि डेटाबेस की बहुत सारी टेबल्‍स भी आपस में एक दूसरे से related हो सकती हैं। RDBMS का यह रिलेशनल स्‍ट्रक्‍चर बहुत सारी टेबल पर एक साथ Queries रन करना Possible करता हैं। RDBMS को DBMSes का सबसेट भी कहते हैं।