IoT आर्किटेक्चर के 4 चरण (The 4 Stages of IoT Architecture)

इस ब्लॉग में हम  IoT आर्किटेक्चर के बारे में जानेगे और देखेंगे कि किस प्रकार डेटा हब से डेटा प्रवाह (data flow) होता है|

डेटा प्रवाह (Data Flow): Edge से server/cloud तक

 

IoT सिस्टम आर्किटेक्चर का  चार चरणों में चलने  वाली प्रक्रिया के रूप में वर्णन किया जाता  है जिसमें डेटा नेटवर्क के माध्यम से “चीजों” से जुड़े सेंसर से प्रवाहित होता है और अंततः प्रोसेसिंग, विश्लेषण और भंडारण के लिए कॉर्पोरेट डेटा सेंटर या क्लाउड पर जाता है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स में, थिंग (thing) एक मशीन, एक इमारत या एक व्यक्ति भी हो सकता है। IoT आर्किटेक्चर  में निर्देश या कमांड के रूप में डेटा को दूसरी दिशा में भी भेजा जाता है  जो एक्चुएटर (actuator) या दूसरे नेटवर्क से जुड़े हुए डिवाइस को एक प्रक्रिया (physical process) को नियंत्रित करने के लिए कुछ कार्रवाई करने के लिए कहते हैं। एक्चुएटर (actuator) light को चालू कर सकते है या किसी विफलता (impending failure) का पता चलने पर असेंबली लाइन को बंद करने में भी सहायक हो सकते है|  चलिए अब IoT आर्किटेक्चर के बारे में बात करते है|


Step 1

सेंसर और एक्चुएटर्स (Sensors and Actuators)

यह प्रक्रिया सेंसर और एक्चुएटर्स से शुरू होती है,सेंसर कनेक्टेड डिवाइस मॉनिटर करते है और एक्चुएटर्स चीज़ो (things) या भौतिक प्रक्रिया (physical process) को नियंत्रित (control) करते है| सेंसर किसी प्रक्रिया (process)  या पर्यावरणीय स्थिति (environmental condition) जैसे आर्द्रता (humidity), तापमान (temperature),  रासायनिक संरचना (chemical composition), एक पाइप में द्रव प्रवाह (fluid flow), या एक असेंबली लाइन की गति के साथ-साथ और भी कई चीज़ो बारे में डेटा कैप्चर (capture) करते हैं।

किन्ही मामलो में सेंसर ऐसी घटना या स्थिति का पता लगा सकता है जिसके लिए लगभग तत्काल प्रतिक्रिया ( immediate response) की आवश्यकता होती है,ताकि एक्ट्यूएटर वास्तविक समय (real time) में उपचारात्मक कार्रवाई (remediation actions) कर सके, उदाहरण के लिए, तरल पदार्थ (fluid) की प्रवाह दर (flow)  या एक औद्योगिक रोबोट (industrial robot)  की गति को समायोजित (adjust) करना| इन स्थितियों में, सेंसर और विश्लेषण/ट्रिगर (analysis/triggered)  एक्चुएटर के बीच बहुत कम विलंबता (latency) की आवश्यकता होती है। सर्वर पर डेटा की राउंड-ट्रिप (round-trip) की देरी से बचने के लिए, विफलता के बारे में निर्धारण करने के लिए डेटा का विश्लेषण और “चीज (थिंग्स)” पर नियंत्रण (control) भेजने के लिए, यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया close proximity  में की जाती है,जिसे मॉनिटर और कण्ट्रोल किया जा सकता है|  यह “edge” प्रोसेसिंग मॉड्यूल (SOM) डिवाइस पर सिस्टम द्वारा किया जा सकता है जैसे Digi ConnectCore® module और/या python के साथ  Digi Cellular Router।


Step 2

इंटरनेट गेटवे और डेटा अधिग्रहण प्रणाली (Internet Gateways and Data Acquisition Systems)

डेटा अधिग्रहण प्रणाली (Data Acquisition Systems(DAS)) सेंसर से raw data एकत्र करती है और इसे एनालॉग से डिजिटल प्रारूप (format)  में परिवर्तित करती है। DAS डेटा को इंटरनेट गेटवे के माध्यम से wireless WAN (जैसे वाई-फाई या सेल्युलर) या wired  WAN के माध्यम से processing के अगले चरण पर  भेजने से पहले एकत्र (aggregates)  और प्रारूपित (format) करता है।

इस बिंदु पर, डेटा की मात्रा बहुत ज्यादा हो सकती है, उदाहरण के लिए, एक फ़ैक्टरी सेटिंग (factory setting) में जहां सैकड़ों सेंसर एक साथ डेटा एकत्र कर सकते हैं। इस कारण , डेटा को भी फ़िल्टर किया जाता है और ट्रांसमिशन के लिए सर्वोत्तम आकार (optimum size)  में संपीड़ित (compressed) किया जाता है।


Step 3

प्री-प्रोसेसिंग :Edge पर विश्लेषण (Pre-processing: Analytics at the Edge)

एक बार IoT data के डिजीटल और एकत्रित हो जाने के बाद, डेटा सेंटर या क्लाउड पर जाने के पहले data volume  को और कम करने के लिए इसे प्रोसेसिंग की आवश्यकता  होती है। edge device प्री-प्रोसेसिंग के हिस्से के रूप में कुछ विश्लेषण (analytics) कर सकता है। कॉरपोरेट डेटा सेंटर (corporate data center) या क्लाउड (cloud) से वापस आने के निर्देशों की प्रतीक्षा किए बिना, सिस्टम में फीडबैक (feedback) प्रदान करने और प्रोसेस में सुधार करने के लिए मशीन लर्निंग बहुत मददगार हो सकती है।


Step 4

Cloud या Data Center में गहन विश्लेषण (In-depth Analysis in cloud or data center)

प्रक्रिया के चरण 4 में, data का विश्लेषण (analyze), प्रबंधन (manage) और सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने के लिए शक्तिशाली आईटी सिस्टम को उपयोग में  लाया जा सकता है। यह आमतौर पर कॉरपोरेट डेटा सेंटर (corporate data center) या क्लाउड (cloud) में होता है, जहां कई field sites/sensors के डेटा को IoT सिस्टम की व्यापक तस्वीर प्रदान करने तथा IT और बिजनेस मैनेजर दोनों को कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि (actionable insights)  प्रदान करने के लिए जोड़ा जा सकता है। एक कंपनी का विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों  में संचालन हो सकता है और प्रमुख रुझानों (trends) और पैटर्न की पहचान करने या विसंगतियों (anomalies) को पहचानने के लिए IoT डेटा का विश्लेषण किया जा सकता है।
इस स्तर पर, उद्योग-विशिष्ट (industry-specific) और/या कंपनी-विशिष्ट (company-specific) अनुप्रयोगों (applications) का उपयोग गहन विश्लेषण (in-depth analysis) करने और व्यावसायिक नियमों को लागू करने के लिए किया जा सकता है। आने वाला डेटा (incoming data) डिवाइस सेटिंग्स में वांछनीय परिवर्तन (desirable changes) या प्रोसेस को अनुकूलित (optimize) करने के अन्य तरीकों का संकेत दे सकता है, जिससे एक लूप बनता है जो नियमित सुधार की सुविधा प्रदान करता है।


चार चरणों वाले IoT आर्किटेक्चर के अलावा, IoT प्लेटफॉर्म पर विचार करना भी महत्वपूर्ण है, जो इन चरणों के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करता है। प्लेटफ़ॉर्म की संरचना डेटा ट्रैफ़िक (data traffic) की बारीकियों को परिभाषित करती है। यह निर्धारित करता है कि प्रत्येक चरण में कौन सा डेटा कहाँ जाता है और कितना processing किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर, streetlights के लिए IoT दुनिया में कहीं भी, एक शहर से दूसरे शहर में बहुत समान हो सकता है, जबकि चिकित्सा उपकरणों को बनाने के लिए 3-डी प्रिंटर पर सेंसर और एक्चुएटर्स एक तरह के हो सकते हैं।

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