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what is 2D Graphics

what is 2D Graphics

Computer graphics को Computer का प्रयोग करके बनाया जाता है और इसे अक्सर हम एक Computer द्वारा चित्रात्मक डेटा का मैनीपुलेशन एवं रिप्रजेंटेशन मानते हैं| Computer graphics के विकास ने कंप्यूटर्स को आसानी से इंटरैक्ट करने एवं बेहतर ढंग से समझने तथा कई प्रकार के डेटा का अर्थ समझने के लिए तैयार किया है| Computer graphics के क्षेत्र में हुए विकास का कई प्रकार के माध्यम पर गहरा प्रभाव पड़ता है और इसने एनीमेशन तथा वीडियो गेम्स इंडस्ट्री में भी क्रांति ला दी है|


2D Computer graphics, Computer आधारित Digital images का जनरेशन होता है जो अधिकतर Two Dimensional model से तैयार होती है| 2D graphics मॉडल्स में ज्यामितीय model जिन्हें Vector graphics भी कहा जाता है| Digital images जिन्हें Raster graphics कहा जाता है| टाइप सेट किया जाने वाला टेक्स्ट (जो कंटेंट, फॉन्ट, स्टाइल, साइज, कलर, पोजीशन एवं ओरिएंटेशन के द्वारा परिभाषित होता है) Mathematical functions  एवं Equation Geometric Transformation  जैसे Translation, rotation एवं Scaling के द्वारा Modifyएवं Manipulate किए जा सकते हैं|

2D Computer graphics में Computer स्क्रीन को Canvas माना जाता है जिस पर एक image बनाई या तैयार की जाती है| 2D graphics को Computer स्क्रीन पर बनाने के कई तरीके हैं इन्हें प्रमुख रुप से Raster graphics एवं Vector graphics में वर्गीकृत किया जाता है Raster graphics में स्क्रीन पर पिक्सेल की एक Rectangle Array बनाई जाती है जबकि Vector graphics Lines, Curved lines एवं अन्य ज्यामितीय आकारों के गणितीय रूपों से image बनाई जाती है|

Computer graphics में एक प्रमुख लक्ष्य होता है images के गणितीय विवरण में से Computer Display पर ग्राफ, ड्राइंग और पिक्चर्स के रूप में एक चित्रात्मक व्याख्या करने के लिए प्रोग्रामर को टूल्स प्रदान करना| यह चित्रात्मक व्याख्या जो host Computer में चित्र बनाने के लिए आवश्यक होती है| इस्तेमाल किए जाने वाले Video Display Terminal के प्रकार पर निर्भर होती है एक Display file में कई बेसिक निर्देश होते हैं| रास्टर स्कैन Display में एक बेसिक निर्देश होगा एक Display file में कई बेसिक निर्देश होते हैं|

Bitmap बिंदुओं की एक Rectangle Array होती है जो स्क्रीन पर 0 और 1 के रुप में प्रदर्शित की जाती है| Bitmap को डिजिटल मेमोरी में स्टोर किया जाता है जिसे फ्रेम बफर कहते हैं| Display कंट्रोलर फ्रेम बफर के कंटेंट को मॉनिटर पर पास करता है फ्रेम बफर से पढ़े गए data कि प्रत्येक बाइट इसी के अनुरूप वीडियो सिग्नल में परिवर्तित होती है जो मॉनिटर में भेजी जाती है| जिससे मॉनिटर की स्क्रीन पर एक काला और सफेद पैटर्न बनता है| Bitmap पिक्सेल डेटा के blocks होते हैं जो किसी डिवाइस जैसे video Display पर सीधे आउटपुट दे सकते हैं| स्क्रीन पर Bitmap Painting, Rectangular line आदि Function के प्रयोग से बनाई गई पेंटिंग की तुलना में तेज होती है| Bitmap का दोष यह है कि यह अधिक मेमोरी लेता है|


Bitmap graphics में image बनाने के लिए बहुत बड़ी संख्या में अलग-अलग बिंदुओं का प्रयोग होता है जबकि Vector graphics में व्रत एवं लाइन जैसी ऑब्जेक्ट्स की गणितीय व्याख्या का इस्तेमाल करके image बनाई जाती है| Vector graphics Computer Science के संयोजनों एवं गणितीय फार्मूला का प्रयोग करके ऑब्जेक्ट की व्याख्या करते हैं और यह Computer डिवाइस जैसे मॉनिटर, प्रिंटर को यह बताते हैं कि ऑब्जेक्ट बनाने के लिए बिंदुओं को वास्तव में कहां रखना है|

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