Relationship

Introduction to Relationships

Relationships मे दो टेबिल को आपस मे जोडा जाता है। इसके लिये दोनो टेबिल मे एक काॅमन फील्ड होना चाहिये। जिनमे दोनो का नाम एवं डाटा टाईप एक समान होना जरूरी है। टेबिल मे Relation बनाने के बाद यूजर फाॅर्म एवं रिपोर्ट में  multiple table का प्रयोग करके रिर्पोट एवं फाॅर्म को डिजाइन कर सकता है।

Relationships creation रिलेशनशिप बनाना 

1.At table  level in the relationship window(मीनू  की सहायता से रिलेशन बनाना )

2.At the query level, while creating queries to display inform to(क्वेरी की सहायता से रिलेशन बनाना)

Types of relationships:-Relationship चार प्रकार की होती है

1.One to one relationship:-प्रत्येक टेबिल को एक एंटिटी के रूप मे निरूपित करते है इसलिए इसे entity set कहते है। entity को square box मे प्रदर्शित करते है। जब दो entities के मध्य रिलेशनशिप स्थापित करते है। तब इसे entity relationship कहते है। one to one relationship केवल दो entities के मध्य का एसोेसिएशन है। जैसे एक महाविद्यालय मे प्रत्येक विभाग मे एक HOD होता है। तथा एक HOD एक से अधिक विभाग का HOD नही हो सकता है। ऐसी रिलेशनशिप one to one relationship कहलाती है

Department
HOD

One to one relationship

2.One to many  relationship:-one to many relationship में दो entities के मध्य एक से अधिक relationship हो सकती है जैसे एक कोर्स में बहुत से छात्र पंजीकृत हो सकते है

Course
students

One to many relationship

3.Many to many relationship:- Many to many relationship मे दो  entities के मध्य एक से अधिक relationship हो सकती है। जैसे एक आईटम को बहुत से लोग खरीद सकते है। या एक विद्यार्थी एक विद्यालय मे अनेक कोर्स ले सकता है।

 

Customer
Item

Many to many relationship

 

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