कंप्यूटर फंडामेंटल्स

कम्‍प्‍यूटर नेटवर्क का वर्गीकरण

कम्‍प्‍यूटर नेटवर्क का वर्गीकरण (Classification Of Computer Network)

कम्‍प्‍यूटर नेटवर्क को दो भागों में विभाजित किया जा सकता हैं –

  1. पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer)
  2. सर्वर आधारित नेटवर्क्स (Server Based Networks)

नेटवर्क का यह विभाजन उसके अपने कन्फिगरेशन (Configuration) के आधार पर किया जाता हैं। तथा यह भी ध्‍यान में रखा जाता हैं कि वे सूचनाओं की शेयरिंग (Sharing) किस प्रकार करते हैं। चूंकि एक नेटवर्क पीयर-टू-पीयर अथवा सर्वर-आधारित हो सकता हैं इसलिए किसी भी वर्ग का चयन करते समय निम्‍नलिखित कारकों को ध्‍यान में रखना आवश्‍यक होता है –

  • संस्‍था का आकार (Size of the Organisation)
  • वांछित सुरक्षा का स्‍तर (Level of Security Required)
  • व्‍यापार का प्रकार (Type of Business)
  • नेटवर्क ट्रैफिक की मात्रा (Amount of Network Traffic)
  • नेटवर्क यूजर्स की आवश्‍यकताएँ (Needs of the Network Users)
  • नेटवर्क बजट (Network Budget)

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क्‍स (Peer-to-Peer Networks)

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर, क्‍लाइन्ट (Client) तथा सर्वर दोनों के रूप में कार्य करता हैं अर्थात् वह रिक्‍वेस्‍ट (Request) तथा रिस्पांस (Response) दोनों कार्य कर सकता हैं। पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में कोई भी डेडिकेटिड (Dedicated) सर्वर नहीं होता हैं और न ही कोई कम्‍प्‍यूटरों के मध्‍य हिरारिकी (Hierarchy) क्रम बनता हैं। सभी कम्‍प्‍यूटर्स एक समान होते हैं अत: इन्‍हें पीयर्स (Peers) कहा जाता हैं।

इस प्रकार के नेटवर्क में नेटवर्क का एडमिनीस्‍ट्रेटर (Administrator) सम्‍पूर्ण नेटवर्क को एडमिनिस्‍ट्रेट (Administrate) करने के लिए उत्‍तरदायी नहीं होता है अपितु यह प्रत्‍येक यूजर का उत्‍तरदायित्‍व होता है कि किस कम्‍प्‍यूटर पर संग्रहीत कौन-कौन से डेटा नेटवर्क में शेयर किए जायेंगे।

निम्‍नलिखित Fig. में एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network) को दर्शाया गया हैं जिसका प्रत्‍येक यूजर, क्‍लाइन्‍ट (Client) तथा सर्वर (Server) दोनों के रूप में कार्य करता हैं।



Image result for peer to peer network

Computer in Peer-to-Peer Network as client and server

सामान्‍यत: एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में 10 अथवा इससे कम कम्‍प्‍यूटर्स हो सकते हैं। अत: इसे वर्कग्रुप (Workgroups) भी कहा जाता हैं। वर्कग्रुप (Workgroup) से आशय है-यूजर्स (User) का एक छोटा समूह (Group)। चूंकि पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network) में प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर, क्‍लाइन्‍ट (Client) तथा सर्वर (Server) के रूप में कार्य करते हैं, अत: इसमें सेन्‍ट्रल सर्वर (Central Server) की आवश्‍यकता नहीं होती हैं। पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network), सर्वर आधारित (Server Based Network) नेटवर्क की तुलना में कम खर्चीले होते हैं।

इस प्रकार के नेटवर्क में एक समान परफॉरमेंस (Performance) के स्‍टैण्‍डर्ड्स (Standards) और सुरक्षा के स्तर की आवश्‍यकता नहीं होती हैं। अनके ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) में पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) नेटवर्किंग अंतनिर्मित होती है, अत: पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network) को इन्‍स्‍टाल (Install) करने के लिए किसी भी अतिरिक्‍त सॉफ्टवेयर (Software) की आवश्‍यकता नहीं होती है। एक साधारण नेटवर्क इन्‍वायरमेंट (Environment) में पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network) के क्रियान्‍वयन के निम्‍नलिखित लाभ हैं।

  1. कम्‍प्‍यूटर्स, यूजर्स की डेस्‍क (Desk) पर स्थित होते हैं।
  2. यूजर स्‍वयं एडमिनिस्‍ट्रेटर (Administrator) का कार्य करते हैं और अपनी सुरक्षा की (Security) योजना बनाते हैं।
  3. नेटवर्क में कम्‍प्‍यूटर एक साधारण केबलिंग सिस्‍टम (Cabling System) से जुडे होते हैं।

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network) में यूजर्स नेटवर्क संसाधनों; जैसे – प्रिन्‍टर्स, हार्डडिस्‍क और फाइल्‍स को शेयर (Share) करते हैं, परन्‍तु विशिष्‍ट सर्वर (Specialized Server) नहीं होते हैं। यघपि पीयर-टू-पीयर नेटवर्क छोटी संस्‍थाओं की समस्‍त आवश्‍यकताओं की पूर्ती करता हैं; परन्तु यह सभी इन्‍वायरमेंट (Environment) के लिए उपयुक्‍त नहीं हैं। इस प्रकार के नेटवर्क में भविष्‍य में वृद्धि की सम्‍भावना सीमित होती है।

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क एडमिनिस्‍ट्रेशन के अन्‍तर्गत, यूजर्स का प्रबन्‍धन (Managing Users), सुरक्षा का प्रबन्‍धन (Managing Security), सुरक्षा का प्रबन्‍धन (Managing Security), संसाधनों की उपलब्‍ध कराना (Making Resources Available), एप्‍लीकेशन और डेटा को मेन्‍टेन करना (Maintaining Application and Data) और एप्‍लीकेशन और सिस्‍टम सॉफ्टवेयर को इन्‍स्‍टाल और अपग्रेड करना (Installing and Upgrading Application and System Software) कार्य करते हैं।

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (Peer-to Peer Network) इन्‍वायमेन्‍ट में प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर को अपने संसाधनों का प्रयोग उस कम्‍प्‍यूटर के यूजर, जिसे लोकल यूजर (Local User) कहा जाता हैं, को सपोर्ट (Support) करना चाहिए और साथ ही अतिरिक्‍त संसाधनों; जैसे-हार्डडिस्‍क स्‍पेस (Hard disk Space) और मेमोरी (Memory) का प्रयोग नेटवर्क के अन्‍य यूजर्स, रिमोट यूजर्स (Remote User), द्वारा संसाधनों (Resources) की एक्‍सेसिंग (Accessing) को सपोर्ट (Support) करना चाहिए।

पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर, क्‍लाइन्‍ट (Client) और सर्वर (Server) दोनों के रूप में कार्य करता हैं; अत: यूजर्स को अपने-अपने कम्‍प्‍यूटर्स पर यूजर और एडमिनिस्‍टे्टर (Administrator) के रूप में कार्य करने के लिए उन्‍हें प्रशिक्षित करने की आवश्‍यकता होती हैं।

 सर्वर-आधारित नेटवर्क (Server-Based Network)

सर्वर आधारित नेटवर्क (Server Based Network) में एक कम्‍प्‍यूटर एक सर्वर की तरह तथा बाकी कम्‍प्‍यूटर्स क्‍लाइन्‍ट (Client) की तरह कार्य करते हैं। क्‍लाइन्‍ट (Client) कम्‍प्‍यूर्स सर्वर को रिक्‍वेस्‍ट (Request) भेजते हैं तथा बदले में सर्वर, क्‍लाइन्‍ट (Client) को रेस्‍पॉन्‍स (Response) देता हैं।

इस प्रकार के नेटवर्क में डेडिकेटेड सर्वर (Dedicated Server) होते हैं। डेडिके‍टेड सर्वर (Dedicated Server), किसी भी नेटवर्क का यह कम्‍प्‍यूटर होता हैं, जो केवल सर्वर (Server) के रूप में कार्य करता हैं, और जिसका प्रयोग क्‍लाइन्‍ट (Client) अथवा वर्कस्‍टेशन (Workstation) के रूप में नहीं किया जा सकता हैं। सर्वस (Servers) को डेडिकेटेड सर्वर (Dedicated Server) के रूप में इसलिए वर्णित किया जाता हैं,क्‍योंकि इनमें क्‍लाइन्‍ट (Clients) द्वारा की गई रिक्‍वेस्‍ट्स (Requests) के लिए तीव्र गति से सर्विस देने की आशा की जाती है| साथ ही फाइल्‍स और डाइरेक्‍ट्रीज की सुरक्षा (Security) की सुनिश्चितता की आशा भी की जाती हैं।

जैसे-जैसे कम्‍प्‍यूटरों की संख्‍या बढ़ती हैं अर्थात् नेटवर्क का आकार (Size) बढ़ता हैं, उनके बीच की दूरी और उनके मध्‍य ट्रैफिक (Traffic) बढ़ता है, तो नेटवर्क में एक से अधिक सर्वस (Servers) की आवश्‍यकता होती हैं। नेटवर्किंग के कार्यो को एक से अधिक सर्वस के मध्‍य वितरित करने से यह सुनिश्चित हो जाता हैं कि प्रत्‍येक कार्य कम समय में, प्रभावशली ढंग से और आसानी से निष्‍पादित होगें। बड़े सर्वर-आधारित नेटवर्क (Server Based Network) में विभिन्‍न प्रकार के सर्वस का प्रयोग किया जाता हैं, जो निम्‍नलिखित हैं –

  1.  फाइल और प्रिन्‍ट सर्वस (File and Print Servers) :- फाइल तथा प्रिन्‍ट सर्वर का प्रयोग फाइल तथा डेटा स्‍टोरेज के लिए किया जाता हैं। फाइल और प्रिंट सर्वर (File and Print Servers), यूजर एक्‍सेस (User Access), फाइल्‍स के प्रयोग (Use of file) और प्रिन्‍टर (Printer) को प्रबन्धित करते हैं।

    उदाहरण के लिए –
    जब आप किसी वर्ड-प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर; जैसे – MS-Word को अपने कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम पर रन करते हैं, तो यह फाइल और प्रिन्‍ट सर्वर (File and Print Server) से आपके कम्‍प्‍यूटर की मेमोरी में लोड (Load) होता हैं, ताकि आप इसका प्रयोग लोकली (Locally) कर सके।
  2. एप्‍लीकेशन सर्वर्स (Application Servers) :- एप्‍लीकेशन सर्वर (Application Server), क्‍लाइन्‍ट को डेटा उपलब्‍ध कराते हैं। एप्‍लीकेशन सर्वर, फाइल और‍ प्रिंटर सर्वर से इस अर्थ से भिन्‍न होते हैं, कि फाइल और प्रिन्‍ट सर्वर से रिक्‍वेस्‍ट (Request) किए गये डेटा अथवा फाइल क्‍लाइन्‍ट (Client) कम्‍प्‍यूटर पर डाउनलोड (Download) होते हैं, जबकि एप्‍लीकेशन सर्वर, क्‍लाइन्‍ट (Client) द्वारा की गई रिक्‍वेस्‍ट (Request) के परिणाम (Result) को क्‍लाइन्‍ट को भेजता हैं, अर्थात् क्‍लाइन्‍ट कम्‍प्‍यूटर पर उसके द्वारा की गई रिक्‍वेस्‍ट (Request) का रिजल्‍ट (Result) एप्‍लीकेशन सर्वर से डाउनलोड (Download) होता हैं।लोकली (Locally), रन (Run) कर रहा एक क्‍लाइन्‍ट एप्‍लीकेशन (Client Application), एप्‍लीकेशन सर्वर से डेटा को एक्सिस (Access) करता हैं।
    उदाहरण के लिए, आप “Employee” डेटाबेस की सर्चिंग (Searching) उन सभी कर्मचारियों के लिए करते हैं, जिनका वेतन 10,000.00 से अधिक हो। इसके पश्‍चात् इस क्‍वेरी (query) का परिणाम, एप्‍लीकेशन सर्वर से आपको लोकल कम्‍प्‍यूटर (Local Computer) अर्थात् क्‍लाइन्‍ट कम्‍प्‍यूटर पर डाउनलोड (Download) होता हैं।
  3. मेल सर्वर (Mail Server) :- मेल सर्वर (Mail Server) भी एप्‍लीकेशन सर्वर की तरह कार्य करते हैं, क्‍योंकि सर्वर और क्‍लाइन्‍ट एप्‍लीकेशन (Server and client Application) अलग-अलग होते हैं और क्‍लाइन्‍ट कम्‍प्‍यूटर (Client Computer) पर मेल (Mail) डाउनलोड (Download) होते हैं।
  4.  फैक्‍स सर्वर (Fax Server) :- फैक्‍स सर्वर के द्वारा एक अथवा एक से अधिक फैक्‍स मॉडेम बोर्ड (Fax Modem Board) को शेयर (Share) कर फैक्‍स से सम्‍बन्धित आने और जाने वाले ट्रैफिक (Traffic) को प्रबन्धित करते हैं।
  5. कॉम्‍यूनिकेशन सर्वर (Communication Server) :- कॉम्‍युनिकेशन सर्वर, अपने नेटवर्क और अन्‍य नेटवर्क के मध्‍य डेटा फ्लो (Data Flow) ओर ई-मेल मैसेज (E-Mail Message) संचालित (Handle) करते हैं।
  6. डाइरेक्‍ट्री सर्विसेज सर्वर (Directory Services Server) :- डाइरेक्‍ट्री सर्विसेज सर्वर, यूजर्स को नेटवर्क में डेटा और सूचनाओं को खोजने, संग्रहीत करने और सु‍रक्षित करने की सुविधा देते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ सर्वर सॉफ्टवेयर; जैसे-विन्‍डोज NT 4.0 सर्वर (Windows NT 4.0 Server), कम्‍प्‍यूटर्स को विभिन्‍न ग्रुप्‍स (Groups) में समूहित करने की सुविधा उपलब्‍ध कराते हैं। इन ग्रुप्‍स को डोमेन (Domain) कहा जाता हैं, जो नेटवर्क में किसी भी यूजर को किसी भी रिसोर्स (Resource) पर एक्सिस (Access) किए जाने की अनुमति प्रदान करता हैं।यद्यपि सर्वर-आधारित नेटवर्क को इन्‍स्‍टाल (Install), कॉनफिगर (Configure) और मैनेज (manage) करना कठिन तथा जटिल होता हैं फिर भी पीयर-टू-पीयर नेटवर्क की तुलना में इसके निम्‍नलिखित लाभ हैं –
  • संसाधनों की शेयरिंग (Sharing Resources) :– संसाधनों की शेयरिंग से तात्‍पर्य प्रिन्‍टर्स (Printers), हार्डडिस्‍क (Hard Disk) की शेयरिंग (Sharing) से हैं।एक सर्वर को अनेक फाइल्‍स और प्रिन्‍टर्स पर एक्‍सेल (Access) प्रदान करने के साथ-साथ यूजर के लिए परफॉर्मेस (Performance) और सिक्‍योरिटी (Security) को मेनटेन (maintain) करने के लिए डिजाइन किया गया हैं। सर्वर-आधारित नेटवर्क (Server-Based Network) में डेटा शेयरिंग (Data Sharing) को सेन्‍ट्ली एडमिनिस्‍टे्ट (Centrally Administrate) और कन्‍ट्रोल (Control) किया जा सकता हैं।
  • डेटा-रिडन्‍डान्‍सी (Data Redundancy) :- सर्वर-आधारित नेटवर्क (Server Based Network) में किसी भी सर्वर पर संग्रहीत डेटा को किसी अन्य सर्वर पर कॉपी (Copy) करना पड़ सकता हैं। अत: प्राइमरी डेटा स्‍टोरेज एरिया (Primary Data Storage Area) के क्षतिग्रस्‍त होने पर डेटा को रिस्‍टोर (Restore) करने के लिए डेटा की बैकअप कॉपी (Backup Copy) का प्रयोग किया जा सकता हैं।
  • यूजर्स की संख्‍या (Number Of Users) :- एक सर्वर-आधारित नेटवर्क पर हजारों लाखों यूजर्स हो सकते हैं। वर्तमान में उपलब्‍ध मॉनिटरिंग और नेटवर्क मैनेजमेंट यूटिलिटीज (Monitor and Network Management Utilities) के कारण एक सर्वर-आधारित नेटवर्क को यूजर्स की बड़ी संख्‍या के साथ ऑपरेट (Operate) किया जा सकता हैं।

पीयर-टू-पीयर एवं सर्वर-आधारित नेटवकर्स की तुलना

(Comparison between Server-Based and Peer-to-Peer Networks)

कारक (Factors)पीयर-टू-पीयर नेटवर्क
(Peer-to-Peer Network)
सर्वर-आधारित नेटवर्क
(Server-Based Network)
साइज
(Size)
10 अथवा इससे कम कम्‍प्‍यूटर्स के लिए उपयुक्‍त होता हैं।इसका साइज सर्वर की शक्ति, उनकी संख्‍या और नेटवर्क में प्रयुक्‍त हार्डवेयर पर निर्भर करता हैं।
सिक्‍युरिटी (Security)प्रत्‍येक कम्‍प्‍यूटर के यूजर द्वारा व्‍यक्तिगत तौर पर सिक्‍युरिटी (Security) को स्‍थापित किया जाता हैं।नेटवर्क एडमिनिस्‍ट्रेटर द्वारा सिक्‍युरिटी (Security) को सेन्‍ट्रली (Centrally) स्‍थापित किया जाता हैं।
एडमिनीस्‍ट्रेशन(Administration)प्रत्‍येक यूजर अपने एडमिनीस्‍ट्रेशन के लिए स्‍वयं जिम्‍मेदार होता हैं, अत: किसी फुल टाइम एडमिनिस्‍ट्रटर की आवश्‍यकता नहीं होंती हैं।नेटवर्क को सेन्‍ट्रली (Centrally) एडमिनिस्‍ट्रेट (Administrate) करने की आवश्‍यकता होती हैं। अत: इसमें एक निपुण एडमिनिस्‍ट्रेटर की आवश्‍यकता होती हैं।
सिलेबस के अनुसार नोट्स
DCA, PGDCA, O Level, ADCA, RSCIT, Data Entry Operator
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