सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाईन

Tools of Structured Analysis

इस पोस्ट में हम Structured Analysis Tools के बारे में जानेगे |

Tools of Structured Analysis

  • Data Dictionary
  • Structured English
  • Decision Tree
  • Decision Table

Data Dictionary

DBMS के अंतर्गत Data dictionary एक फ़ाइल या फाइलों का समूह होती है जो कि डेटाबेस के मेटाडाटा (metadata) को store करती है। Data Dictionary में वास्तविक डेटा नहीं होता है, बल्कि यह सिर्फ डेटा को प्रबंधित करने के लिए बहीखातों के रूप में सूचना (जैसे-टेबल का नाम तथा विवरण आदि) को स्टोर करती है।

Data flow diagram में Data Store, Data destination, Process तथा इनके मध्य होने वाले Data flow को हम नाम तो  देते है| लेकिन सिर्फ नाम देने से डाटा के विवरण के  बारे में जानकारी प्राप्त नही होती है | ऐसी स्थिति में हमे एक ऐसी संरचनात्मक फाइल की आवश्यकता होती है, जहां इनफार्मेशन सिस्टम में उपस्थित प्रत्येक डाटा संबंधी जानकारी स्टोर करके रख सके, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह जानकारी पुनः प्राप्त की जा सके Data Dictionary एक ऐसा ही Structured group है जहां इनफार्मेशनसिस्टम के समस्त डाटा अवयव की जानकारी स्टोर करके रखी जाती है | दूसरे शब्दों में कहे तो डाटा डिक्शनरी में डाटा स्टोर किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में Meta data कहा जाता है |

Data dictionary के प्रकार
  • Active data dictionary
    • वह data dictionary जो कि हर समय अपने आप ही DBMS के द्वारा update हो जाती है, Active data dictionary कहलाती है।
  • Passive data dictionary
    • Passive data dictionary भी active data dictionary के समान होती है परन्तु इसमें यह DBMS के द्वारा स्वतः update नहीं होती है।

डाटा डिक्शनरी में उपलब्ध जानकारी

  • सभी डेटाबेस तालिकाओं और उनके स्कीमा के नाम।
  • डेटाबेस में सभी तालिकाओं के बारे में विवरण, जैसे उनके अधिकृत उपयोगकर्ता, उनकी सुरक्षा सम्बंधित जानकारी, बनाये जाने की जानकारी
  • तालिकाओं के बारे में भौतिक जानकारी जैसे कि वे कहाँ संग्रहीत हैं और कैसे।
  • टेबल के अनतर्गत प्राइमरी और फॉरेन key की जानकारी
  • डेटाबेस के व्यूज (Views) के बारे में जानकारी

Structured English

 Structured English Structured Programming पर आधारित है| इसमें वाक्यों  की तार्किक बनावट के आधार पर सूचनाये प्राप्त की जाती है | इसमें निर्देशों को देने के लिए एक विशेष व्याकरण होता है | जिसका प्रयोग डाटा के साथ किया जाता है | इसमें किसी भी प्रोसेस को साधारण अंग्रेजी भाषा में कोड किया जाता है |

इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते है अगर टोटल 33 से कम होगा तो फ़ैल |इसे Structured English में निम्नानुसार लिखेगे |

Example:  

If total is less than 33

Then fail

Decision Tree

  • Decision Tree एक ऐसा स्ट्रक्चर है,जिसके द्वारा डाटा पर लागू होने वाली शर्ते तथा उन शर्तो के आधार पर लिए गए डिसिजन को प्रदर्शित किया जाता|
  • Decision Tree वर्गीकरण और भविष्यवाणी के लिए सबसे शक्तिशाली और लोकप्रिय टूल है।
  • यह एक data visualization का तरीका है|
  • एक Decision tree का प्रयोग Decision making के लिए किया जाता है।
  • Decision tree एक फ्लो-चार्ट की तरह का स्ट्रक्चर होता है; जिस प्रकार tree में पत्तियाँ, जड़ तथा शाखाएँ होती है उसी प्रकार इसमें leaf नोड तथा branches होती है।
  • Decision tree में सबसे ऊपर की नोड को root नोड कहते है इसमें प्रत्येक leaf नोड एक class को प्रदर्शित करती है।

Decision Tree को समझने के लिए हम निम्न उदाहरण लेते है, एक साड़ी निर्माता कंपनी अपने ग्राहकों के लिए डिस्काउंट पालिसी को लागू करती है,इस डिस्काउंट पालिसी के अनुसार साड़ी निर्माता अपने ग्राहकों को उनके प्रकार एवं आर्डर की मात्रा के आधार पर डिस्काउंट देती है |

Image result for discount decision tree

Advantage of Decision Tree

  • इसके लिए किसी भी डोमेन ज्ञान की आवश्यकता नहीं है।
  • समझने में यह बहुत आसान होता है।
  • डिसिशन ट्री के सीखने और वर्गीकरण के चरण सरल और तेज होते हैं।

Decision Table

  • यह एक टूल है जिसका प्रयोग परीक्षण और आवश्यकताओं के प्रबंधन के लिए किया जाता है|
  • सामान्यतः इसका प्रयोग जटिल व्यावसायिक नियमों से निपटने हेतु आवश्यकताओं को तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
  • इसके जरिये यह देखना आसान हो जाता है कि शर्तों के सभी संभावित संयोजनों (Combination of conditions) पर विचार किया गया है और की अगर किसी शर्त को छोड़ दिया गया है।

यदि प्रक्रिया जटिल हो व कई कंडीशनल निर्णय लेने हो तब डिसिजन टेबल का उपयोग किया जाता है| डिसिजन टेबल में कंप्यूटर प्रोसेस  के दौरान आने वाली सभी कंडीशन और एक्शन को व्यक्त किया जाता है |

डिसिजन टेबल को निम्न चार भागो में विभक्त किया जा सकता है-

  1. Condition Stub- यह डिसिजन टेबल में सबसे ऊपर बाए कोने में स्थित होता है | इसमें उन सभी condition की list होती है , जिन्हें कंप्यूटर प्रोसेस के दौरान शामिल करना है |
  2. Condition Entry – यह डिसिजन टेबल में ऊपर ,दाए कोने में कंडीशन स्टब के सामने स्थित होता है ,इसमें कंडीशन की संतुष्टि असंतुष्टि का स्वरुप अंकित किया जाता है |
  3. Action Stub – यह डिसिजन टेबल में नीचे , बायीं तरफ कंडीशन स्टब के ठीक नीचे स्थित होती है| इसमें उन सभी action की list होती है ,जो की कंप्यूटर प्रोसेस के दौरान आवश्यकता पड़ने पर किए जा सकते है |
  4. Action Entry- यह डिसिजन टेबल में नीचे ,दाई तरफ Condition entry के नीचे होता है इसमें कंडीशन के आधार पर क्या action करना है इसकी एंट्री होती है |

Image result for decision table of log in

ATM Decision Table

इस उदाहरण में अगर एक ग्राहक एटीएम के जरिये अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकलना चाहता है नियम कुछ इस तरह से हो सकते हैं|

  • ग्राहक के अकाउंट में बैलेंस निकालने वाले अमाउंट से ज्यादा है
  • अगर बैलेंस कम है और ग्राहक को उधार की सुविधा दी गयी है

इन दोनों शर्तों में ग्राहक को एटीएम से पैसे मिल जायेंगे| इन्ही शर्तों के लिए ये डिसिशन टेबल बनाई जा सकती है

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