क्रिप्टोग्राफ़ी क्या होती है?

इस ऑडियो लेसन में हम सीखंगे Cryptography क्या होता है?

अगर आप इन्टरनेट चलाते हैं तो अपने भी यह शब्द बहुत बार सुने होंगे और WhatsApp में भी एक encryption नाम का feature देखा होगा। पर हो सकता है की आप न जानते हों की ये क्या होता है, तो चिंता मत करिए इस ऑडियो लेसन के अंत तक इस विषय के बार में आप जान जायेंगे|

इन्टरनेट की दुनिया में एन्क्रिप्शन (Encryption) और डिक्रिप्शन (Decryption) शब्द बहुत प्रचलित शब्द है इन्टरनेट एक ऐसा जाल है जहाँ पर पर कुछ भी सुरक्षित नहीं है इसलिए इन्टरनेट में डाटा को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन यूज़ किया जाता है,अगर आप एन्क्रिप्शन का यूज़ नहीं करते है तो आपका डाटा कोई भी हैक सकता है और उसका प्रयोग गलत कामो के लिए कर सकता है|

सभी के लिए मैसेज (या डेटा) को अनुपयोगी बनाने की वह प्रक्रिया जिसमें सिर्फ प्राप्तकर्ता ही उसको समझ सके, एनक्रिप्‍शन कहलाती है। एनक्रिप्‍‍टींग व डिक्रिप्‍टींग मैसेजस् के लिए उपयोगी प्रोसीजर्स बनाने की प्रक्रिया (या विज्ञान) क्रिप्‍टोग्राफी कहलाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सिर्फ इतना होता है कि मैसेज संदिग्‍ध यूज़र के द्वारा पर्याप्त समय में डिक्रिप्ट (पहचानना/पढ़ना) न हो पाए।

तो Cryptography क्या होती है Cryptography शब्द Greek शब्द Krypto से बना है जिसका मतलब “Hidden Secrets” होता है | या दुसरे शब्दों में कहें तो यह एक कला है जिसमे हम अपने डाटा और इनफार्मेशन को सुरक्षित रख सकते हैं, Cryptography के जरिये हम अपने Data को Unreadable Secret Codes मे बदल सकते हैं जिन्हे Cipher Text कहा जाता है और इस Data को वही Read कर सकता है जिसके पास इसको Decrypt करने की Secret Key होगी | Decrypt हुए Data को Plain Text कहा जाता है | इसमें Encryption और Decryption दो Process होती है | इसका इस्तेमाल E-Mail Messages, Credit/Debit Card की Details तथा अन्य महत्वपूर्ण information को protect करने के लिए किया जाता है | Encryption मे Plain Text को Cipher Text मे Convert किया जाता है तथा Decryption मे Cipher Text को Plain Text मे Convert किया जाता है |

ये काम कैसे करता है?

तो दोस्तों जब आप एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस (उदाहरण के लिए व्हाट्सएप) का उपयोग करते हुए एक मैसेज भेजते हैं, तो यह सर्विस मैसेज को कोड में बदल देता है, इसे स्क्रैम्बल करता है और एन्क्रिप्शन key बनाता है। इसके बाद इस मैसेज को केवल सही प्राप्तकर्ता ही अनलॉक कर सकता है। Digital encryption बेहद जटिल है और यही कारण है कि इसे क्रैक करने के लिए मुश्किल माना जाता है। इसकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, हर बार जब दो स्मार्टफोन एक-दूसरे के साथ कम्‍यूनिकेशन करना शुरू करते हैं, एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम का एक नया सेट बनाया जाता है।

Cryptography को दो प्रकार

पहला Symmetric Cryptography जिसमे Encryption और Decryption करने की Keys एक जैसी होती है मतलब की इसमें एक ही Key का इस्तेमाल करके Data या information को Encrypt और Decrypt किया जाता है | दूसरा Asymmetric Cryptography जिसमे Encryption और Decryption दोनों की Keys भिन्न होती है मतलब की इसमें Encryption करने के लिए Public Key का इस्तेमाल किया जाता है और Decryption करने के लिए Private Key का इस्तेमाल किया जाता हैं |

Cryptography के बहुत ज्यादा फायदे हैं क्यूंकि एन्क्रिप्शन से आपका डाटा पूरी तरह सिक्योर(Secure) और सेफ (Safe) हो जाता है | डाटा एन्क्रिप्ट करने के बाद अगर ये हैक या चोरी हो जाये तो भी कोई आपके डाटा को एक्सेस या पढ़ नहीं सकता | और एन्क्रिप्शन के प्रयोग से आपका डाटा सिर्फ वही एक्सेस कर सकता है जिसको आप एक्सेस करने देना चाहते है उसके लिए की या पासवर्ड की जरुरत होगी|

तो मुझे उम्मीद है की आपको Cryptography समझ आ गया होगा, तो फिर मिलेंगे अगले ऑडियो लेसन में जब तक के लिए शुक्रिया धन्यवाद|

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