QR Code क्या है? Full Form ये कैसे काम करता है

QR Code Kya Hai in Hindi

आज की पोस्ट में हम QR Code क्या है और ये कैसे काम करता है इसके बारे में जानेंगे। QR Code देखने में तो बहुत आसान दिखता है पर यह कई प्रकार के काम आता है. QR कोड का फुल फॉर्म Quick Response Code होता है, अर्थात एक ऐसा कोड जिससे तुरंत जवाब मिल सके. इस कोड के सहायता से उपयोगकर्ता को फटाफट कोई भी जानकारी मिल जाती है जो उस कोड को बनाते समय समाहित की जाती है. चलिए गहराई से जानते हैं की QR Code क्या होता है?

QR Code क्या है? (What is QR Code in Hindi)

क्यूआर कोड एक चौकोर आकार का ग्रिड होता है जिसमें अल्फ़ान्यूमेरिक जानकारी होती है जिसे डिजिटल मशीन से पढ़ा जा सकता है। इन डिजिटल मशीन को QR Code Scanner कहा जाता है| हालाँकि अब इसे मोबाइल के कैमरा के माध्यम से भी आसानी से पड़ा जा सकता है, इसके लिए हो सकता है की आपको कोई एप्प अपने मोबाइल में इनस्टॉल करना पड़े. इन एप्प को आप प्ले स्टोर पर QR Code Scanner नाम से ढूंड सकते हैं.

कई मोबाइल ब्रांड जैसे iPhone, Samsung, Xiaomi, Vivo अपने कैमरा एप्प में ही बिल्ट-इन क्यूआर स्कैनिंग की सुविधा देते हैं. बहुत से लोग को QR Code का full form भी नहीं पता होता है, उनको बता दे की इसे Quick Response Code कहते है।

एक जापानी कंपनी डेंसो वेव ने 1994 में क्यूआर कोड सिस्टम का आविष्कार किया था। यह कंपनी टोयोटा की सहायक कंपनी थी। इस कंपनी के लिए क्यूआर सिस्टम का उद्देश्य सिर्फ निर्माण प्रक्रिया के दौरान वाहन के पुर्जों को अधिक सटीक रूप से ट्रैक करना था। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने एक प्रकार का बारकोड विकसित किया था जिसमे अल्फ़ान्यूमेरिक (Alphanumeric) काना और कांजी वर्णों का प्रयोग किया गया था| उसके बाद उन्होंने इस टेक्नोलॉजी को ओपन सोर्स (Open Source) घोषित कर दिया जिससे कोई भी इसे प्रयोग कर सके.

पहला मोबाइल क्यूआर स्कैनर 2002 में जापान में विकसित किया गया था। इस आविष्कार का मकसद क्यूआर कोड के इस्तेमाल का चलन बढ़ाना है।

सामान्यतः किसी बारकोड को पड़ने की दिशा केवल ऊपर से नीचे होती है, इस बारकोड में अल्फ़ान्यूमेरिक (Alphanumeric) सरंचना का प्रयोग कर थोड़ी मात्रा में डाटा संग्रहित किया जाता है| लेकिन QR Code में अधिक जानकारी संग्रहित की जा सकती है क्यूंकि इन्हें उन्हें दाएं से बाएं और ऊपर से नीचे भी पढ़ा जा सकता है।


क्यूआर कोड कैसे काम करता है?

किसी भी QR Code में 3 कोनों में बड़े बड़े ब्लॉक्स होते हैं जो इसका एलाइनमेंट दर्शाते हैं, इन तीनों ब्लॉक्स की पहचान करने के बाद ही QR रीडर को पता चलता है कि QR Code इन तीन ब्लॉक्स के अन्दर ही लिखा हुआ है.

क्यूआर रीडर पूरे ब्लॉक को एक ग्रिड में तोड़ देता है और कोड की जांच करना शुरू कर देता है। यह जांचता है कि ग्रिड स्क्वायर में काला या सफेद रंग है या नहीं और रंग के अनुसार मान निर्दिष्ट करता है। उसके बाद, यह सभी ग्रिड वर्गों को समूहीकृत करके एक बड़ा पैटर्न बनाता है।

क्यूआर कोड कैसे स्कैन करते हैं?

स्मार्टफोन में क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए बिल्ट-इन क्यूआर स्कैनर या कैमरे होते हैं। यदि आप पुराने मोबाइल में कोड स्कैन करना चाहते हैं, तो आपको Google Play Store या App Store से एक विशेष ऐप इंस्टॉल करना होगा। क्यूआर कोड स्कैनिंग मोबाइल से बेहद आसान है:

  • अपने मोबाइल में कैमरा या क्यूआर स्कैनर एप्लिकेशन खोलें
  • रीडर एप्प को कोड की तरफ पॉइंट करके स्कैन करें
  • एप्प डेटा पढ़ने के बाद, इसे मोबाइल स्क्रीन पर दिखा देगा.

QR Code के Fayede (QR Code Benefits)

QR Code की सहायता से कई कार्य किये जा सकते हैं चूँकि इसमें ज्यादा डाटा संग्रहित करने की क्षमता होती है, उनमे इसे कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं

  • पैसे का भुगतान करने के लिए
  • ऐसी लिंक का निर्माण करना जिससे सीधे एप्प गूगल प्ले स्टोर / एप्प स्टोर से डाउनलोड हो सके
  • बिना पासवर्ड दिए QR code स्कैन करके वाई फाई का एक्सेस प्रदान करना
  • इन्टरनेट पर अकाउंट लॉग इन करने के लिए
  • प्रोडक्ट के सारी सूचना प्राप्त करने के लिए
  • किसी भी डॉक्यूमेंट की सत्यता की तुरंत जांच करने के लिए

क्या कोई क्यूआर कोड हैक कर सकता है?

क्यूआर कोड को हैक करना असंभव है, लेकिन क्यूआर कोड के जरिए आपके क्यूआर कोड डेस्टिनेशन को हैक किया जा सकता है।


हमेशा एक विश्वसनीय क्यूआर कोड को ही स्कैन करें वर्ना यह एक ख़राब (Malicious) कोड भी हो सकता है जो आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुरा सकता है या आपके स्थान को ट्रैक कर सकता है।

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