what is financial statement
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फाइनेंसियल स्टेटमेंट क्या है?

फाइनेंसियल स्टेटमेंट क्या है? (What is Financial Statement)

फाइनेंसियल स्टेटमेंट एक एकाउंटिंग शब्द है जिसका अर्थ है आर्थिक विवरण पत्र| फाइनेंसियल स्टेटमेंट का प्रयोग व्यापार की आर्थिक स्थिति देखने के लिए बनाया जाता है| फाइनेंसियल स्टेटमेंट एक अंतिम स्टेटमेंट होता है जिसके अंतर्गत व्यापार खाता, लाभ हानि खाता, कैश फ्लो स्टेटमेंट और बैलेंस शीट बनाई जाती है| किसी कंपनी, व्यापार या व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए फाइनेंसियल स्टेटमेंट तैयार किया जाता है| इस प्रकार प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट, और कैश फ्लो स्टेटमेंट से मिलकर ही फाइनेंसियल स्टेटमेंट बनता है| इस स्टेटमेंट के अंतर्गत व्यापार के क्रय, विक्रय, लाभ हानियाँ, संपत्तियां, लेनदार, देनदार आदि लेनदेन की जानकारी को लिखा जाता है|

फाइनेंसियल स्टेटमेंट तीन रिपोर्ट से मिलकर बनता है –

  • Profit and Loss Account
  • Balance Sheet
  • Cash Flow Statement

1. लाभ / हानि खाता (Profit & Loss Account)

लाभ हानि अकाउंट का प्रयोग व्यापार, कंपनी या किसी व्यक्ति के इनकम और एक्सपेंस को देखने के लिए किया जाता है| लाभ और हानि खाते के अंतर्गत व्यापार में होने वाले सभी आय और व्यय (Income and Expense) आते है इस अकाउंट के दो भाग होते है Income और Expense.

Income से किसी व्यापार या कंपनी की कुल इनकम कितनी है, कंपनी ने कितना सेल्स किया है और कंपनी के पास इनकम के और क्या क्या सोर्स है|

Expense से व्यापार या कंपनी के कुल खर्च कितने है, कितना सामना खरीदा है और कंपनी किस चीज पर कितना खर्च कर रही है|

Trading and Profit/Loss Account

यदि व्यापार में इनकम कम है और खर्च ज्यादा है, तो इसका मतलब है वह व्यापार लोस में है| इस स्टेटमेंट के माध्यम से हम व्यापार में होने वाली हानि को देख सकते है| और अगर व्यापार में एक्सपेंस कम है और इनकम ज्यादा है तो इसका मतलब है व्यापार में लाभ हो रहा है | इस स्टेटमेंट के माध्यम से हम व्यापार में होने वाले लाभ और उसकी मात्रा को भी हम देख पाते है, जिसे नेट इनकम कहा जाता है| इस प्रकार हम लाभ और हानि खाते से व्यापार की शुद्ध लाभ (Net Profit) और शुद्ध हानि (Net Loss) देख सकते है|

2. बैलेंस शीट (Balance Sheet)

बैलेंस शीट का प्रयोग व्यापार, कंपनी या किसी व्यक्ति की संपत्ति और दायित्व देखने के लिए किया जाता है| बैलेंस शीट के अंतर्गत व्यापार में प्रयोग होने वाली संपत्ति और दायित्व आते है| बैलेंस शीट हमेशा बर्ष के अंत में बनाई जाती है| बैलेंस शीट के माद्यम से हम यह जान सकते है की किसी कंपनी, या व्यक्ति के पास कितनी संपत्ति है और उसके कितने दायित्व है| इस प्रकार बैलेंस शीट के दो भाग होते है – Assets और Liabilities.

Assets – Assets के अंतर्गत व्यापार या कंपनी की सभी संपत्तियों को लिखा जाता है जैसे – Capital, Land, Cash, Building, Furniture, Goodwill, Inventory, Receivable, Debtors आदि आते है|

Assets = Liabilities + Equity.

Liabilities – Liabilities के अंतर्गत व्यापार या कंपनी के सभी दायित्व आते है जो व्यापारी को निभाने होते है जैसे – Payable, Creditors, Bank overdraft आदि|

Balance sheet में Assets और liabilities दोनों साइड बराबर होना चाहिए यदि सम्पति कम और दायित्व ज्यादा है तो इसका मतलब है व्यापार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और सम्पति अधिक और दायित्व कम है तो इसका मतलब है की व्यापार की आर्थिक स्थिति अच्छी है|

3. कैश फ्लो स्टेटमेंट (Cash Flow Statement)

कैश फ्लो स्टेटमेंट व्यापार या कंपनी के पास कुल कितना कैश है, कैश कहाँ से आ रहा है और कहाँ पर खर्च हो रहा है यह बताता है| अर्थात व्यापार में जो भी कैश आ रहा है वह कैश कहा पर और कितना खर्च किया जा रहा है, और अंत में आपके पास कितना कैश बच रहा है| अगर कैश कर्ज लेने और सम्पतियो को बेचने से आ रहा है तो यह व्यापार के लिए अच्छा नहीं है, क्योकि व्यापार में कैश सिर्फ Sales और Inventory से ही आना चाहिए|

तो इस तरह फाइनेंसियल स्टेटमेंट के तीनो रिपोर्ट – प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट और कॅश फ्लो स्टेटमेंट से आप व्यापार, कंपनी या व्यक्ति की वित्तीय स्थिति जान सकते है|

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