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Internet Connectivity

Internet Connectivity

कनेक्टिविटी से आशय इंटरनेट से जुङने के लिए यूज़ होने वाले तरीके से है | इंटरनेट किसी भी प्रकार का कोई बिज़नेस प्रोडक्ट नहीं है बल्कि यह इन्फॉर्मेशन का ग्रुप है, जिसका प्रयोग यूजर अपनी आवश्यकता के अनुसार इन्फॉर्मेशन को कलेक्ट करने के लिए करता है | इंटरनेट एक ऐसी जगह है जहां दुनिया की हर जानकारी सिर्फ एक क्लिक से आपको मिल जाएगी | इन्टरनेट का कोई भी मालिक नहीं होता है इसके कारण इंटरनेट को यूज़ करने के लिए कुछ विशेष नियम व प्रोटोकॉल बनाये गए है , जिसे हर यूजर को मानना पड़ता है और उसे इसी रूल्स के हिसाब से इंटरनेट प्रयोग करना होता है |


इंटरनेट को यूज़ करने के लिए सबसे पहले आपको  किसी सर्वर से जुड़ना होता है, इंटरनेट सर्वर एक ऐसा सिस्टम कहा जा सकता है जो क्लाइंट यानि यूजर के द्वारा आने वाली रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करके उसके द्वारा मांगी गयी जानकारी उपलब्ध कराता है | इन्टरनेट की सेवाए लेने के लिए पहले आपको इन्टरनेट से कनेक्ट होना पड़ता है और इसके लिए आपको इन्टरनेट कनेक्शन लेना पड़ता है |ऐसी सेवा कई कंपनियां देती है|

ऐसी कंपनियां जो इन्टरनेट की सर्विस प्रोवाइड कराती है ISP (internet service provider) कहलाती है | इन्टरनेट का प्रयोग करने के लिए आपको ISP से कनेक्शन लेना होता है | जब आप इस कंपनी का नेटवर्क यूज़ करते है ,तो आपको इसके लिए आवश्यक फीस जमा करनी होती है ,इसी के साथ आपका सिस्टम उस कंपनी के सर्वर के साथ जुड जाता है | हर नेटवर्क की जिम्मेदारी होती है की जब वह किसी यूजर को सर्विस प्रोवाइड कराता है ,तो नेटवर्क से सम्बंधित कोई भी परेशानी आने पर उसे दूर करे | इंटरनेट से जुड़ने के पहले यह विचार करना पड़ता है की आप किस लेवल पर इंटरनेट यूज़ करना चाहते है, इंटरनेट से जुड़ने के लिये कई प्रकार के कनेक्शन उपलब्ध है जो निम्नलिखित है –

Types of Internet connection

  • समर्पित एक्सेस (Dedicated access)
  • डायल-अप एक्सेस (Dial-up Access)
  • लीज्ड लाइन्स (leased line)

समर्पित एक्सेस (Dedicated access)

Dedicated access यह एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा हम इंटरनेट से सीधे जुड़ सकते है dedicated कनेक्शन आपको चौबीस घंटे इंटरनेट से जुड़ने  की सुविधा देता है |

ऐसे कनेक्शन का बड़े -बड़े विश्वविद्यालय ,हॉस्पिटल ,बड़ी-बड़ी कंपनियां ही लेती है, क्योकि ऐसी लाइन्स बड़ी मॅहगी होती है | इसमें एक Router Device की जरुरत होती है जो सिग्नल्स को बढ़ा कर उसकी बैकबोन को देने का काम करता है, इंटरनेट के क्षेत्र में Backbone एक ऐसी हाई लेवल वाली फोन लाइन्स है,जो इसके फिगर्स को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने का काम करती है|


 डायल-अप एक्सेस (Dial-up Access)

इंटरनेट से Dial up connection के द्वारा जुड़ने के लिए कई ऑप्शन है-

  • IP Account
  • Shell Account
  1.  IP Account :-इंटरनेट से जुड़ने या कनेक्ट होने के लिए जब आप इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से कनेक्शन लेते है,तो आपको इसमें दो टाइप के अकाउंट बनाने पड़ते है पहला SLIP account (serial line internet protocol )और दूसरा PPP account(point to point account) इन दोनों अकाउंट के formal फॉर्म को ही IP account कहा जाता है | PPP कनेक्शन ,SLIP कनेक्शन से ज्यादा तेज़ होते है लेकिन ये दोनों कनेक्शन Dedicated कनेक्शन के बराबर होता है बस अंतर इतना है की IP अकाउंट जो होते है वो सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा बनाये जाते है और ये डेडिकेटेड लाइनों से जुड़े हुए होते है | जिस कंप्यूटर में IP account बनाया जाता है वह नेटवर्क में Node के समान काम करता है|
  2. Shell Account:- यह Account इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा ही बनाया जाता है, इसे इंटरनेट को यूज़ करने या इससे जुड़ने के लिए बनाया जाता है| इस account के द्वारा यूजर इंटरनेट के सभी फीचर प्रयोग कर सकता है एवं इंटरनेट कुछ लिमिटेड घंटो के लिए यूज़ कर सकता है | इंटरनेट प्रयोग करने के लिए यूजर को इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर को हर महीने शुल्क देना होता है, यूजर चाहे तो इस शुल्क को सालाना भी दे सकते है |

 लीज्ड लाइन्स (leased line)

टेलीफोन के माध्यम से इंटरनेट से जुड़ा जा सकता है जिसके लिए दो प्रकार की विधिया है –
1) Switched service
2) Leased line

  1. Switched service:- इस सर्विस में आपको यानि यूजर को डायलअप सर्विस या टेलीफोन लाइन के द्वारा कनेक्शन लेना पड़ता है| इन्टरनेट कनेक्शन लेने के बाद आप इन्टरनेट का उपयोग सूचनाओं को सेन्ड व रिसीव करने के लिए कर सकते है|इस कनेक्शन में यूजर का कंप्यूटर दो तारो वाली केवल के द्वारा लोकल एक्सचेंज से जुड़ा होता है,इसलिए लोकल नेटवर्क में सिग्नल और डेटा को एनालॉग के रूप में भेजता व प्राप्त करता है | इस सर्विस की बैंडविड्थ कम होने के कारण डेटा सेन्ड व रिसीव होने में बहुत ज्यादा समय लगता है, इसलिए यूजर इस सर्विस का प्रयोग कम करते है |
  2. Leased line :- leased लाइन एक ऐसी प्राइवेट लाइन है जो टेलीफोन लाइन के द्वारा यूजर के कंप्यूटर से जुडी हुई होती है | यह इंटरनेट से सीधे कनेक्शन के समान होती है,यह एक डेडिकेटेड लाइन होती है जो यूजर को बिना किसी रूकावट के इन्टरनेट की सर्विस उपलब्ध कराती है | यह कनेक्शन बहुत फ़ास्ट होता है इसी कारण मॅहगा भी होता है |
    इन्टरनेट यूज़ करने के लिए यूजर को मासिक शुल्क भरना होता है ,लेकिन इसमें कनेक्शन को यूज़ करने का टाइम डिटेल्स नहीं होती है | इस कनेक्शन के द्वारा टेलीफोन पर बात-चीत नहीं की जा सकती है, सिर्फ इंटरनेट यूज़ किया जा सकता है |

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