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IP address

IP address (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस)

नेटवर्क में विशेष डिवाइस पर डेटा भेजने के लिए नेटवर्क से कनेक्‍ट प्रत्येक डिवाइस (जैसे, कंप्यूटर, सर्वर, प्रिंटर, स्मार्टफ़ोन) का एक यूनिक एड्रेस होता है इसी यूनिक एड्रेस को IP address कहते है, और कम्युनिकेशन के लिए ये डिवाइस इंटरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।


Internet Protocol

Internet Protocol (IP) यह एक मेथड या प्रोटोकॉल है, जिसके द्वारा डाटा इंटरनेट पर एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस पर भेजा जाता है।
नेटवर्क से जुड़े हर डिवाइस का एक यूनिक आईपी एड्रेस होना चाहिए। आपके डिवाइस के यूनिक एड्रेस के बिना, आप नेटवर्क या इंटरनेट पर अन्‍य डिवाइसेस, यूजर और कंप्‍यूटर के साथ कम्युनिकेशन नहीं कर सकते| आईपी एड्रसेस बाइनरी वैल्यू का बना हुआ होता है और नेटवर्क या इंटरनेट पर सभी डेटा को रूटिंग करता हैं|

Format of  IP Address (IP Address का फॉर्मेट)

आईपी एड्रेस मे हमेशा नंबर्स के 4 ब्‍लॉक होते हैं, जो पीरियड के द्वारा अलग अलग होते हें| प्रत्येक ब्लॉक में 0 से 255 कि संभावित रेंज होती हैं, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक ब्लॉक मे 256 संभावित वैल्यू होती हैं|

उदाहरण के लिए, आईपी एड्रेस 192.168.1.10 ऐसे दिखता हैं|इन एड्रेस मे से 3 रेंज को विशेष उद्देश्य के लिए रिज़र्व किया गया हैं| पहला एड्रेस 0.0.0.0 डिफ़ॉल्ट नेटवर्क से संबंधित होता हैं और दूसरा 255.255.255.255 को ब्रॉडकास्ट एड्रेस कहा जाता हैं| तीसरा एड्रेस 127.0.0.1 लूपबैक एड्रेस है, और यह आपके ही मशीन या कंप्‍यूटर को दर्शाता हैं|

IP Address Standards

किसी भी नेटवर्क पर इस्तेमाल किए जाने वाले आईपी एड्रेस के दो  स्टैण्डर्ड होते है |

  • IP version 4 (IPv4)
  • IP version 6 (IPv6)

i)Internet Protocol version 4 (IPv4) :यह इंटरनेट प्रोटोकॉल(IP) का चौथा वर्जन हैं, जिसे नेटवर्क के डिवाइस की पहचान करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं| IPv4 एड्रेस 32 बीट लंबा होता हैं और यह 4,294,967,296 एड्रेसेस को सपोर्ट करता हैं (हालांकि इनमे से कई विशेष उद्देश्यों के लिए आरक्षित हैं, जैसे 10.0.0.0 और 127.0.0.0)
192.168.0.1 यह एक IPv4 एड्रेस का एक सामान्य उदाहरण है। सबसे आसानी से पहचाने जाने वाली आईपी रेंज 192.168.0.1 – 192.168.0.255 हैं, क्योंकि इन एड्रेस को हम घर या ऑफिस पर उपयोग करते हैं|


ii) IP version 6 (IPv6):इंटरनेट के लोकप्रिय विकास के कारण IPv4 के संभावीत एड्रेस भविष्‍य में समाप्‍त होने कि चिंता से Internet Protocol version 6 (IPv6) का नया वर्जन विकसित किया गया| यह IPv4 का नया और उन्‍न्‍त वर्जन हैं| इसे IPng (IP new generation) के रूप में भी जाना जाता है।

Internet Protocol version 6 (IPv6) 128 बिट्स लंबा होता हैं। इसलिए, यह 2 ^ 128 इंटरनेट एड्रेस को सपोर्ट करता हें, जो 340.282.366.920.938.000.000.000.000.000.000.000.000 एड्रेस के बराबर हैं| यह बहुत सारे एड्रेस हैं और वे बहुत लंबे समय तक इंटरनेट ऑपरेशनल जारी रखने के लिए पर्याप्त से अधिक हैं।

What is Public and Private IP Addresses

(पब्लिक आईपी एड्रेस और पब्लिक आईपी एड्रेस )

i) Private IP Addresses:जब कई कंप्यूटर या डिवाइस या तो केबल के साथ या वायरलेस, एक दूसरे से कनेक्‍ट होते हैं, तब वे एक प्राइवेट नेटवर्क बनाते हैं। इस नेटवर्क के भीतर प्रत्येक डिवाइस को फ़ाइलों और रिर्सोसेस को शेयर करने के लिए एक यूनिक आईपी एड्रेस असाइन किया जाता हैं| इस नेटवर्क के सभी डिवासेस के आईपी एड्रेस को प्राइवेट एड्रेस कहा जाता हैं|

Reserved Private IP address

जैसा की हम जानते हैं की IPv4 एड्रेस चार संख्याओं के समूह से बनता है जिसमे न्यूनतम संख्या 0 होती है और अधिकतम संख्या 255 होती है पर इनमे से कुछ IP एड्रेस प्राइवेट प्रयोग के लिए सुरक्षित रखें जाते हैं, जो निम्नलिखित हैं,  अर्थात अगर हम अपना स्वयं का प्राइवेट नेटवर्क बनाना चाहते हैं तो हमें निम्न तालिका में से दिए हुए IP एड्रेस का प्रयोग करना होगा|

प्रारंभ आईपी एड्रेस समाप्त आईपी एड्रेस एड्रेस की संख्या
10.0.0.0 10.255.255.255 16777216
172.16.0.0 172.31.255.255 1048576
192.168.0.0 192.168.255.255 65536

ii) Public IP addresses:पब्लिक आईपी एड्रेस वह होता हैं, जिसे ISP (Internet Service Provider) देता हैं| इससे आपके होम नेटवर्क को बाहर की दुनिया मे पहचान मिलती हैं| यह आईपी एड्रेस पूरे इंटरनेट में यूनिक होता हैं।पब्लिक आईपी एड्रेस स्टैटिक या डायनामिक हो सकता है। स्टैटिक पब्लिक आईपी एड्रेस बदलता नही है और इसे मुख्य रूप से इंटरनेट पर किसी सर्विस (जैसे आईपी कैमेरा, एफटीपी सर्वर, इमेल सर्वर को एक्‍सेस करने के लिए या कंप्‍यूटर का रिमोट एक्‍सेस लेने के लिए) या वेब होस्टिंग के लिए इस्‍तेमाल किया जाता हैं| इसे ISP से खरीदना पड़ना हैं|

दूसरी ओर, डायनामिक आईपी एड्रेस उपलब्ध आईपी एड्रेस को लेता हैं और हर बार इंटरनेट से कनेक्‍ट होने पर बदल जाता है। अधिकतम इंटरनेट यूजर के पास उनके कंप्‍यूटर के लिए डायनामिक आईपी एड्रेस होता हैं, जिसे इंटरनेट डिसकनेक्‍ट करने पर काट दिया जाता हैं और रिकनेक्‍ट होने पर नया आईपी एड्रेस मिलता हैं|




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