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क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं?

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं? (What is Cloud Computing?)

आज के समय में कंप्यूटर और मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| जिस कारण डाटा स्टोरेज को सभी क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जा रही है| सभी प्रकार के व्यापर चाहे वे छोटे हों या बड़े पैसा खर्च करती हैं| इसके अलावा इसमें IT सपोर्ट और storage hub की भी जरुरत होती है| जिस कारण सभी प्रकार के business IT इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट के लिए इतना पैसा खर्च करने हेतु सक्षम नहीं होते| इसके स्थान पर क्लाउड कंप्यूटिंग एक सस्ता और बहुत ही अच्छा विकल्प है|

आसान गणना के कारण क्लाउड कंप्यूटिंग में डाटा को अधिक कुशल तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है| जिस कारण बड़े बड़े व्यापार भी क्लाउड कंप्यूटिंग की तरफ आकर्षित हो रहे हैं| क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए उपयोगकर्ता को बहुत ही कम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है| इसके लिए यूजर को मात्र क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम और इंटरफ़ेस सॉफ्टवेयर को प्रयोग करना आना चाहिए| जो कि किसी वेब ब्राउज़र को चलाने जितना ही आसान होता है| बांकी का काम क्लाउड नेटवर्क स्वतः संचालित कर लेता है| हम सभी ने कभी न कभी क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग किया ही है, कई सारी कंपनी जो क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रदान कर रही है जैसे गूगल. फेसबुक. अमेज़न इत्यादि|

ई-मेल सेवा का उपयोग करते समय हमारा डाटा क्लाउड सर्वर पर स्टोर होता है ना कि कंप्यूटर पर| क्लाउड सिस्टम में जो टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाता है वह हमें दिखाई नहीं देता क्योंकि इसे HTTP, XML, Ruby, PHP  और इसी प्रकार की अन्य टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया जाता है| यूजर अपने कंप्यूटर लैपटॉप या मोबाइल से क्लाउड सिस्टम को काफी आसानी से कनेक्ट कर सकता है|



क्लाउड कंप्यूटिंग के लाभ (Benefits of Cloud Computing)

कम लागत होने के कारण ही बहुत सारी बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा का इस्तेमाल करती हैं इसके अलावा क्लाउड कंप्यूटिंग में यूजर अपनी आवश्यकतानुसार ही सर्विस का उपयोग करता है और उपयोग की गई सर्विसेज के लिए ही पैसे चुकाता है | Cloud Computing के निम्नलिखित फायदे हैं-

  1. आईटी इन्फ्राट्रक्चर की कम लागत
  2. कम कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की आवश्यकता
  3. बेहतर परफॉर्मेंस
  4. मेंटेनेंस की कम समस्याएं तथा न्यूनतम मेंटेनेंस लागत
  5. सॉफ्टवेयर अपडेट में आसानी
  6. क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम और कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच अनुकूलता
  7. बैकअप एंड रिकवरी
  8. डाटा सुरक्षा में वृद्धि

क्लाउड के प्रकार (Types of Clouds)

क्लाउड सिस्टम के चार मॉडल होते हैं तथा यूजरअपने बिजनेस के आवश्यकतानुसार किसी भी मॉडल को सब्सक्राइब कर सकता है –

Private Cloud:

इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग रिसोर्सेस का इस्तेमाल किसी विशेष बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन के लिए किया जाता है|

यह प्रणाली इंट्रा बिजनेस के लिए मुख्य रूप से उपयोगी होती है जिसमें कंप्यूटर रिसोर्सेज एक ही आर्गेनाईजेशन के अंतर्गत नियंत्रित और संचालित की जाती है |

Community Cloud:

इसमें कंप्यूटिंग रिसोर्सेज को कम्युनिटी और ऑर्गनाइजेशन को प्रोवाइड की जाती हैं |

Public Cloud:

पब्लिक क्लाउड का इस्तेमाल सामान्यता B2C (Business to Consumer) बिजनेस में किया जाता है | इसमें कंप्यूटर रिसोर्सेज को सरकार ,एकैडमी और बिजनेस संस्थानों द्वारा संचालित और नियंत्रित किया जाता है |

Hybrid Cloud:

हाइब्रिड क्लाउड इस प्रकार के क्लाउड का उपयोग B2C तथा B2B दोनों प्रकार के बिजनेस में ही किया जाता है इस प्रकार की क्लाउड प्रणाली को “हाइब्रिड क्लाउड” कहा जाता है जिसमें कंप्यूटिंग रिसोर्सेज अलग अलग  क्लाउड से जुड़े होते हैं |

क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विसेज (Cloud Computing Services)

क्लाउड मुख्यतः तीन प्रकार की सेवाएं ऑफर करती है –

  • Software as a Service (SaaS)
  • Platform as a Service (PaaS)
  • Infrastructure as a Service (IaaS)

विभिन्न प्रकार के बिजनेस अपनी आवश्यकतानुसार इन सेवाओं का उपयोग करते हैं  |

SaaS (Software as a Service)

SaaS or software as a service क्लाउड कंप्यूटिंग का “सॉफ्टवेयर सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन” मॉडल है जिसमें सर्विस प्रोवाइडर या वेंडर द्वारा एप्लीकेशंस को host किया जाता है और इसे इंटरनेट पर कस्टमर्स के लिए उपलब्ध कराया जाता है SaaS आज के समय में काफी प्रचलित सर्विस डिलीवरी मॉडल बनता जा रहा है जो कि Service Oriented Architecture (SOA) or Web Services को सपोर्ट करता है | इंटरनेट के माध्यम से ही इस सेवा को पूरी दुनिया में कस्टमर के लिए उपलब्ध कराया जाता है |

अगर बात करें डाटा स्टोरेज के पुराने तरीके की जिसमें यूजर को डाटा स्टोर करने के लिए सॉफ्टवेयर को खरीदना पड़ता था फिर उसे अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल करना होता था इसके स्थान पर इस नए मॉडल में यूजर आसानी से मासिक आधार पर क्लाउड सर्विस को सब्सक्राइब करके इस सेवा का लाभ ले सकता है इसके अलावा SaaS सर्विस का उपयोग यूजर्स लगभग सभी इंटरनेट इनेबल डिवाइस पर आसानी से कर सकते हैं |

PaaS (Platform as a Service)

यह डेवलपर्स को ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जहां वे एप्लीकेशन को बिल्ड कर सकते हैं या बना सकते हैं इस सर्विस को क्लाउड में  ही होस्ट (host) किया जा सकता है और इंटरनेट द्वारा यूजर कहीं से भी इसको एक्सेस कर सकता है |

उदाहरण के लिए जिस प्रकार टीचर द्वारा बच्चों को ड्राइंग के लिए पेंट कलर, पेपर ,ब्रश इत्यादि उपलब्ध कराए जाते हैं छात्रों को बस पेंटिंग करनी होती है उसी प्रकार PaaS में यूजर को विभिन्न टूल्स के साथ एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाता है जहां वह एप्लीकेशन को डेवलप कर सकते हैं | यहां यूजर्स के लिए समय-समय पर न्यू फीचर्स अपडेट किए जाते हैं | यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जो एप्लीकेशन डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है इस कारण सॉफ्टवेयर डेवलपर ,वेब डेवलपर तथा अन्य बिजनेस के लिए यह काफी फायदेमंद है इसके अलावा इसमें software support and management services, storage, networking, deploying, testing, collaborating, hosting and applications maintaining की सुविधा भी मिलती है |

IaaS (Infrastructure as a Service)

PaaS के अलावा आईएस क्लाउड कंप्यूटिंग की एक मौलिक (fundamental) सर्विस है | इसमें यूजर कंप्यूटिंग रिसोर्सेस को वर्चुअल तरीके से इंटरनेट पर एक्सेस कर सकता है यह विभिन्न प्रकार की कंप्यूटिंग सर्विस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे virtual server space, network connections, bandwidth, load balancers and IP addresses आदि प्रदान करता है | इसमें नेटवर्क आमतौर पर फ्री डाटा सेंटरों में विभाजित किए जाते हैं और इसमें हार्डवेयर रिसोर्सेज भी बहुत सारे सर्वस पर काम करते हैं |

IaaS कंप्यूटिंग का एक कंपलीट पैकेज है | छोटे पैमाने के बिजनेस के लिए यह काफी उपयुक्त है क्योंकि इसमें अपेक्षाकृत आईटी इन्फ्राट्रक्चर की लागत कम होती है | IaaS कंप्यूटिंग का उपयोग करके कोई भी बिजनेस बहुत सारी लागतो को बचा सकता है जैसे maintenance, buying new components जैसे -hard-drives, network connections, external storage device इत्यादि |

सरल शब्दों में सारांश (Summary Words)
  1. क्लाउड कंप्यूटिंग में डाटा को अधिक कुशल तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है|
  2. क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए उपयोगकर्ता को बहुत ही कम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है|
  3. गूगल. फेसबुक. अमेज़न इत्यादि कंपनी यूजर के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रदान कर रही है|
  4. क्लाउड सिस्टम में जो टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाता है वह हमें दिखाई नहीं देता क्योंकि इसे HTTP, XML, Ruby, PHP  और इसी प्रकार की अन्य टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया जाता है|
  5. यूजर अपने कंप्यूटर लैपटॉप या मोबाइल से क्लाउड सिस्टम को काफी आसानी से कनेक्ट कर सकता है|
  6. क्लाउड सिस्टम के चार मॉडल होते हैं – Private Cloud, Community Cloud, Public Cloud, Hybrid Cloud

सिलेबस के अनुसार नोट्स
DCA, PGDCA, O Level, ADCA, RSCIT, Data Entry Operator
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