सी प्रोग्रामिंग

सी प्रोग्रामिंग का परिचय

सी प्रोग्रामिंग का परिचय (Introduction to C Programming)

C एक  general purpose high level programming language है जो portable applications और firmware को develop करने के लिए use की जाती है। इसे मूल रूप से system software और operating system को develop करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। C को Dennis Ritchie ने 1970 के दशक में Bell Labs में develop किया था। C की पहली मुख्य application थी UNIX Operating System। C के मेन फीचर्स में low-level access to memory, simple set of keywords, और clean style समाहित हैं। इन फीचर्स की वजह से ही C language ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलपमेंट के लिए एक suitable लैंग्वेज है. C के बाद में develop की गयी कई languages C language का ही syntax follow करती हैं जैसे PHP, Java, JavaScript etc।

C प्रोग्रामिंग के कुछ फीचर्स

  1. C में एक निश्चित संख्या में keywords होते हैं. जिनमे control primitives का सेट जैसे if, for, while, switch वगैरह।
  2. C में कई logical और mathematical operators होते हैं जिनमे bit manipulators भी शामिल हैं।
  3. C में functions की return values की हमेशा जरुरत नहीं होती है। अगर जरुरत न हो तो उन्हें ignore भी किया जा सकता है।
  4.  एक single statement में कई सारे assignments भी apply कर सकते हैं।

A sample program in C

#include <stdio.h>
void main()
{
   printf("Hello, ComputerHindiNotes.com!");
}

Output- Hello World!

अब हम जानने की कोशिश करते हैं की ऊपर दिए गए प्रोग्राम में जो भी हमने लाइन लिखी हैं उनका क्या अर्थ है और अर्थ जानने के पहले कुछ बाते जानना अति आवश्यक है

  • कंप्यूटर आज भी बाइनरी लैंग्वेज के आधार पर प्रोसेसिंग करता है|
  • कंप्यूटर पर किसी भी प्रोग्राम को चलाने के लिए हमें सारे आदेश ऑपरेटिंग सिस्टम को देने होते हैं|
  • ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे द्वारा दिए गए आदेशों के आधार पर हार्डवेयर के साथ समन्वय स्थापित कर हमारे कार्य को पूरा करता है|
  • सी और सी प्लस प्लस का कम्पाइलर 2 Pass Compiler पर आधारित होता है, अर्थात आपका प्रोग्राम दो बार कम्पाइल होगा एक बार उसमे उपस्थित हैडर फाइल और फिर उसके बाद बाकी का बचा प्रोग्राम|

अब हम समझने की कोशिश करेंगे की प्रोग्राम में लिखी हर लाइन का क्या अर्थ है|



#include<stdio.h>

उपरोक्त लाइन में # का अर्थ प्री प्रोसेसर से है, इसका मतलब यह है की कम्पाइलर किसी भी कमांड को प्रोसेस करने के पहले प्री प्रोसेसर वाली कमांड को पहले प्रोसेस करेगा| यहीं इस लाइन में stdio.h एक हैडर फाइल है, जिसमे प्रोग्राम में प्रयोग होने वाले फंक्शन की परिभाषा लिखी होती है|

void main()

यह एक फंक्शन है, जब भी हम किसी भी प्रोग्राम को एक्सीक्यूट करते हैं तो ऑपरेटिंग सिस्टम उस प्रोग्राम के कोड में हमेशा main फंक्शन को खोजता है और फिर वही से प्रोग्राम एक्सीक्यूट होना शुरू हो जाता है| तो आप चाहे किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में प्रोग्राम बनाये उन सभी में main फंक्शन जरुर होगा|

printf(“Hello, ComputerHindiNotes.com!”);

यह एक ऐसा फंक्शन है जिसके माध्यम से हम कंप्यूटर के स्क्रीन पर कोई सन्देश प्रदर्शित करा सकते हैं| इस printf फंक्शन में हमने एक आर्गुमेन्ट भेजा है जो की एक मेसेज है|

सिलेबस के अनुसार नोट्स
DCA, PGDCA, O Level, ADCA, RSCIT, Data Entry Operator
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