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Balance Sheet

Balance Sheet

बैलेंस शीट का आशय ऐसे statement से है जो की एक निश्चित तारीख़ पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति को प्रकट करता है। अर्थात बैलेंस शीट व्यापारी की आर्थिक स्थिति का विवरण होता है |


साधारण शब्दों में कह सकते है की एक निश्चित समय पर एक व्यापार या संगठन की संपत्तियां, देनदारियों, और पूँजी (Share Capital) के विवरण को बैलेंस शीट कहते हैं। आम तौर पर इसे कंपनी या संगठन के वित्तीय वर्ष के अंत में बनाया जाता है| बैलेंस शीट को Profit and Loss Account यानी लाभ हानि खाते के बाद तैयार किया जाता है

बैलेंस शीट में दो पक्ष होते है एक दायित्व (liability) और दूसरा संपत्ति पक्ष (Asset) | दायित्व पक्ष में व्यापार के सभी दायित्व लिखे जाते है जैसे- पूंजी (Capital),लेनदार (Creditor) बैंक ऋण (bank loan)आदि | तथा संपत्ति पक्ष में व्यापार की समस्त संपत्तियां लिखी जाती है जैसे रोकड़ (Cash),देनदार (Debtors),मशीन (machine) ,फर्नीचर (furniture),प्लांट (plant) आदि |

बैलेंस शीट में संपत्ति(Assets) और दायित्व (Liability) दोनों पक्षों का जोड़ बराबर होना चाहिए |अगर दोनों पक्षों का योग बराबर नहीं है तो इसका अर्थ है की जर्नल एंट्रीज़ में या लेज़रिंग में कोई गलती की गई है |

बैलेंस शीट एक ऐसी रिपोर्ट होती है जिससे एक व्यापारी की किसी विशेष तिथि को सम्पति एंव देयधन की संपूर्ण जानकारी ली जा सकती है | इसका उदेश्य एक निश्चित समय में कंपनी के मालिक की सही financial condition बताना है ताकि वो भविष्य में अपनी कंपनी के आगे के काम को निर्धारित कर सके।


Balance Sheet में दो पक्ष होते है जिसमे बायें पक्ष को Capital And Liabilities (पूंजी व दायित्व पक्ष) कहा जाता है तथा दायें पक्ष को Assets And Properties (सम्पत्ति व जायदाद) कहा जाता हैं।

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Capital And Liabilities Side में आने वाले मदों को निम्न पांच शीर्षकों के अंतर्गत दिखाया जाता है

Share Capital (अंश पूंजी )

इस शीर्षक के अंतर्गत निम्नलिखित तरह की पूंजी को दिखाया जाता है –

  • Equity Share Capital (समता अंश पूंजी )
  • Preference Share Capital (पूर्वाधिकार अंश पूंजी )
Reserve And Sur-Plus Income (संचित एवं आधिक्य)

इस शीर्षक के अंतगर्त निम्नलिखित तरह के लाभों को लिखा जाता है –

  • General Reserve (सामान्य संचित)
  • Capital Reserve ( पूंजी संचित)
  • P/L (Cr.) (लाभ-हानि जमा)
  • Security Premium (प्रतिमूर्ति प्रब्याज)
  • Share Forfeiture (अंशों का हरण)
Secured Loans (सुरक्षित ऋण)

इस शीर्षक के अंतर्गत निम्नलिखित तरह के दायित्वों को दिखाया जाता है –


  • Debenture (ऋणपत्र)
  • Bonds (बंधन)
  • Bank Loan (अधिकोष ऋण)
  • Mortgage Loan ( बन्धक ऋण )
Current Liabilities (चालू दायित्व)

इस शीर्षक के अंतर्गत निम्नलिखित अल्पकालीन दायित्वों को लिखा जाता है –

  • Creditor (लेनदार)
  • B/P (देय विपत्र )
  • Bank Overdraft ( बैंक अधिविकर्ष)
  • Outstanding Expense (अदत्त व्यय)
  • Advance Income (अग्रिम आय)
Provisions ( प्रावधान)

इस शीर्षक के अंतर्गत निम्नलिखित प्रावधानों को लिखा जाता है –

  • Provision For Bad Debts (अप्राप्य ऋण के लिए प्रावधान )
  • Provision For Taxation (करो के लिए प्रावधान )
  • Provision For Repairs ( मरम्मती के लिए प्रावधान )

Assets And Properties Side में आने वाले मदों को निम्न तीन शीर्षकों के अंतर्गत दिखाया जाता है

  • Fixed Assets (स्थायी सम्पत्ति)
  • Current Assets (चालू सम्पत्ति)
  • Miscellaneous Expenditure (विविध व्यय )
Fixed Assets (स्थायी सम्पत्ति)

जिस सम्पत्ति में बराबर परिवर्तन नहीं होता है, उसे इस शीर्षक के अंतर्गत दिखाया जाता है। इसमें आने वाले मदों का नाम इस प्रकार है –

  • Land And Building
  • Plant And Machinery
  • Furniture And Fixture
  • Loose Tools
  • Goodwill
  • Patent Right
  • Trade Marks
Current Assets (चालू सम्पत्ति)

जिस संपत्ति में बराबर परिवर्तन होता रहता है, उसे इसमें दिखाया जाता है। इसके मदों का निम्नलिखित नाम है –

  • Cash
  • Bank
  • Debtors
  • B/R
  • Investment
  • Stock
  • Prepaid Expense
  • Accrued Income
Miscellaneous Expenditure (विविध व्यय )

इस शीर्षक के अंतगर्त अवास्तविक सम्पतियों को दिखाया जाता है। कुछ खर्च एवं हानियों को तत्काल सम्पत्ति के रूप में दिखाया जाता है परन्तु धीरे-धीरे इसे P/L Account में जाकर समाप्त कर दिया जाता है। निम्न मदों को इसमें दिखाया जाता है –

  • Preliminary Expense (प्रारंभिक व्यय)
  • Discount On Issue Of Shares (अंशो के निर्गमन पर कटौती)
  • Discount On Issue Of Debentures (ऋणपत्रों के निर्गमन पर कटौती )
  • Expense On Issue Of Shares (अंशो के निर्गमन पर व्यय)
  • Expense On Issue Of Debentures (ऋणपत्रों के निर्गमन पर व्यय)
  • P/L (Dr.)

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