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जानिए क्या है Android Oreo

गूगल ने सोमवार को बताया किस कंपनी के एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के आने वाले वर्ज़न को ओरियो कहा जाएगा। गूगल ने किसी मिठाई के नाम पर सॉफ्टवेयर वर्ज़न को रखने की परंपरा कायम रखी है। माउंटेन व्यू की इस कंपनी ने कहा कि साझेदार निर्माताओं के लिए AOSP कोड जारी कर दिया गया है। और जल्द ही Android Oreo सॉफ्टवेयर अपडेट को गूगल पिक्सल, नेक्सस 5एक्स और नेक्सस 6पी स्मार्टफोन समेत पिक्सल सी और नेक्सस प्लेयर जैसे डिवाइस के लिए जारी किया जाएगा।

Android Oreo , तकनीकी तौर पर ऑपरेटिंग सिस्टम का 8.0 वर्ज़न है। एंड्रॉयड ओरियो के साथ कई सारे फ़ीचर जैसे पिक्चर-इन-पिक्चर मोड (इसके जरिए यूज़र किसी वीडियो को किसी दूसरे ऐप के ऊपर एक छोटी विंडो में रीसाइज़ और मूव कर पाएंगे)। कल्पना करें कि आप अपने दोस्तों के साथ टेक्स्ट करने के दौरान भी वीडियो देख सकेंगे। इसके अलावा गूगल किसी भी तरह की नोटिफिकेशन के लिए कस्टमाइज़ चैनल बनाने की भी कोशिश में है, इस फ़ीचर को ‘नोटिफिकेशन चैनल’ कहा जाएगा।

इसके अलावा, ऐप में नोटिफिकेशन बैज भी आ रहे हैं। इससे यूज़र ऐप में आने वाली सभी नोटिफिकेशन को होम स्क्रीन पर ऐप आइकन से ही देख पाएंगे। बहरहाल, एक और नया फ़ीचर “snoozing” के जरिए यूज़र बाद में किसी उचित समय पर नोटिफिकेशन देख पाएंगे।

नई अपडेट से बूट स्पीड भी बेहतर होगी। कंपनी ने दावा करते हुए कहा कि फोन स्विच ऑन करने से लेकर होम स्क्रीन तक पहुंचने में जो समय लगता है, गूगल पिक्सल फोन में यह दोगुनी तेजी से होगा। गूगल अलग-अलग ऐप में लॉगइन करने की प्रक्रिया को भी आसान बना रहा है, वेबसाइट में अभी उपलब्ध ऑटोफिल फ़ीचर उपलब्ध है वैसा ही ऐप में होगा। बहु-प्रतीक्षित एंड्रॉयड इंस्टेंट ऐप भी आएगा, जिसे जरिए इंस्टॉल करने की जगह ब्राउज़र से ही एक्सेस किया जा सकता है।

जैसा कि गूगल ने इस साल आयोजित डेवलेपर कॉन्फ्रेंस में बताया था कि Android O उर्फ Android Oreo को फोन में बेहतर यूज़र अनुभव देने के लिए रिलीज़ किया जाएगा। बता दें कि एंड्रॉयड ओ को सबसे पहले गूगल आईओ में पेश किया गया था। कंपनी ने ख़ासतौर पर बताया था कि कंपनी बैटरी लाइफ सुधारने पर ध्यान दे रही है। एंड्रॉयड ओ को ज़्यादा स्टेबल बनाने के लिए गूगल ने इसी साल पहला बीटा वर्ज़न रिलीज़ किया था।

Android “Nougat” के रिलीज़ होने के करीब एक साल बाद अभी लगभग 13.5 प्रतिशत एंड्रॉयड डिवाइस पर नूगा वर्ज़न है। इन डिवाइस में स्मार्टफोन, टैबलेट, स्ट्रीमिंग डिवाइस और स्मार्ट टीवी भी शामिल हैं। नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक एंड्रायड पर चलने वाली 85 फीसदी डिवाइस अभी तक पिछले साल जारी एंड्रायड नूगा का भी अपडेट हासिल नहीं कर पाई है।

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