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Ownership of Internet (इंटरनेट का स्वामित्व)

क्या आप जानते है इंटरनेट का स्वामी कौन है ? कौन इसे कंट्रोल करता है,कौन इसे ऑपरेट करता है? अगर नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके बहुत काम आएगी |

इंटरनेट ने दुनिया को बहुत छोटा कर दिया है लगभग आधी से ज्यादा आबादी इसका उपयोग कर रही है| इन्टरनेट तो सभी उपयोग करते है पर क्या आप जानते है इस पर मालिकाना हक किसका है ? चलिए आज हम आपको बताते है इन्टरनेट के बारे में कुछ रोचक तथ्य
इंटरनेट का कोई स्वामि नहीं होता और न ही किसी व्यक्ति ,संस्था या सरकार का इस पर एकाधिकार है | जो व्यक्ति इंटरनेट पर अपना कार्य या बिज़नेस करते है वह सिर्फ उसका भाग होता है उसके स्वामी नहीं होते है । परन्तु इंटरनेट को बिना रुकावट चलाने के लिए कुछ स्टैण्डर्ड को सेट किया जाता है इन स्टैण्डर्ड को सेट करने के लिए कुछ ग्रुप,समिति,बोर्ड होते है | जो निम्न प्रकार है-

इंटरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड (internet architecture board—-IAB)

यूनाइटेड स्टेट के सुरक्षा विभाग ने सन 1983 में इंटरनेट एक्टिविटीज बोर्ड (internet activities board) नामक एक कमेटी का गठन किया जो ARPANET की देखभाल के लिए बनाया गया था। वर्तमान में इस कमेटी को इंटरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड(internet architecture board) के नाम से जाना जाता है।

इस कमेटी के सदस्य ARPANER से प्राप्त किये गए रिजल्ट और उसकी परफॉरमेंस पर चर्चा करते थे और यूनाइटेड स्टेट के सुरक्षा विभाग और NSF को फीडबैक देते थे जब भी IAB को लगता था की नए स्टैण्डर्ड की जरुरत है तो वह उन्हें विकसित करवाकर टेक्निकल रिपोर्ट की एक सीरीज के रूप में इंटरनेट पर ऑन लाइन प्रकाशित कर देता था। इस टेक्निकल रिपोर्ट को रिक्वेस्ट फॉर कमैंट्स (request for comments RFCs) कहते है इसको कोई भी व्यक्ति एक्सेस कर सकता है । यह रिपोर्ट RFCs इंटरनेट नेटवर्क इनफार्मेशन सेंटर (internet network information center InterNIC ) की वेबसाइट www.ietf.org पर उपलब्ध है।


इंटरनेट रिसर्च टास्क फार्स (internet research task force ——IRTF)

IRTF विभिन्न समूहों में बंटा हुआ है IRTF इंटरनेट से रिलेटेड लॉन्ग टर्म रिसर्च (long term research) पर काम करता है | इसके प्रत्येक समूह को IRSG इंटरनेट रिसर्च स्टीयरिंग ग्रुप(internet research steering group) कहा जाता है प्रत्येक IRSG इंटरनेट पर आने वाले समस्या को सोल्व करने का काम करता है।

इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फ़ोर्स (Internet Engineering Task Force—IETF)

IETF भी कुछ समूहों में बंटा होता है IETF इंटरनेट से रिलेटेड शार्ट टर्म इंजीनियरिंग (short term engineering) पर काम करती है IETF के प्रत्येक समूह को इंटरनेट इंजीनियरिंग स्टीयरिंग ग्रुप (internet engineering steering group IESG) कहा जाता है IEFT के लगभग 70 IESG है। IESG निम्नलिखित सब्जेक्ट पर काम करती है

  • नए एप्लीकेशन
  • यूजर इनफार्मेशन
  • ओ.एस.आई इंटीग्रेशन
  • इंटरनेट रूटिंग एंड एड्रेसिंग
  • सिक्योरिटी
  • नेटवर्क मैनजमेंट
  • स्टैण्डर्ड

इंटरनेट नेटवर्क इनफार्मेशन सेण्टर (internet network information center—-InterNIC)

इंटरनेट के लिए डोमेन नेम सिस्टम को ऑपरेट करने का कार्य InterNIC हैंडल करता है |

वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम (world wide web consortium —W3consortium)

W3 कंसोर्टियम नामक संस्था वेब पेज के कार्य करने के लिए कोड के स्टैण्डर्ड को सेट करने का काम करता है। W3 कंसोर्टियम का हेडक्वाटर संयुक्त रूप से यूनाइटेड स्टेट , यूरोप और जापान के यूनिवर्सिटी में है |